• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

डिजिटल युग में घर बैठे लोग हो रहे ठगी का शिकार: डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला

12/09/24
in उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
37
SHARES
46
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

ब्यूरो रिपोर्ट। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट उपयोगकर्ता देश है। देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 95 करोड़ से अधिक है। आज देश की 2,13,000 पंचायत इंटरनेट से जुड़ी हैं। साइबर स्पेस का दुरुपयोग कोई नई बात नहीं है और विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध अक्सर देखे जाते हैं जिनमें मैलवेयर हमले, फिशिंग, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले, डेटा चोरी, ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी, बाल पोर्नोग्राफी आदि शामिल हैं। बढ़ते साइबर खतरों का जवाब देने के लिए संगठनों के पास प्रभावी साइबर सुरक्षा नीतियां होनी चाहिए।साइबर हमले काफी नुकसान पहुंचाते हैं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को जोखिम में डालते हैं। भारत की अपर्याप्त साइबर सुरक्षा अवसंरचना, नीतियां और जागरूकता के कारण हैकर्स के लिए सिस्टम की खामियों और कमजोरियों का फायदा उठाना आसान हो जाता है। तंत्र को सभी प्रकार के साइबर खतरों के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक साइबर सुरक्षा नीति की आवश्यकता है। गौरतलब है कि साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग है और नरेंद्र मोदी सरकार इसे मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय गृह मंत्री ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के पहले स्थापना दिवस समारोह में कहा कि साइबर सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना देश की प्रगति संभव नहीं है। 2015 में केंद्र की स्थापना कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिए एक ढांचा और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए की गई थी।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के आने के बाद से साइबर धोखाधड़ी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। उसका इस्तेमाल कर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अब केंद्र की सरकार ने इससे निपटने के लिए कमर कस ली है। अगले पांच वर्षों में पांच हजार कमांडो की तैनाती होगी। यह साइबर फ्रॉड से निपटने में प्रशिक्षित होंगे। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।गृह ने साइबर कमांडो के अलावा कई नई योजनाओं की घोषणा की, जिससे साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (सीएफएमसी), साइबर क्राइम की जांच में समन्वय के लिए प्लेटफॉर्म और संदिग्ध साइबर अपराधियों की राष्ट्रीय रजिस्ट्री का एलान किया। शाह ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हैबढ़ती साइबर धोखाधड़ी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से साइबर कमांडो बनाने की योजना बनाई गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी साफ किया है कि साइबर सुरक्षा सिर्फ डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अभी अहम पहलू है।साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पूर्व से ही साइबर कमांडो बनाने की योजना चल रही थी। यह योजना अब धरातल पर उतरी है। जल्द ही इन चयनित पुलिसकर्मियों को साइबर कमांडों के प्रशिक्षण के लिए रवाना किया जाएगा।जिस तरह से साइबर ठग नए-नए तरीकों से ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ठग क्रिफ्टो करेंसी के माध्यम से यह धनराशि दुबई, कंबोडिया, पाकिस्तान, वियतनाम भेज रहे हैं। साइबर ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं और लोगों को अपने जाल में फंसा कर लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर रहे हैं. इसी कड़ी में देहरादून नगर निगम के नगर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के ठगी का शिकार होने से बच गए, उन्होंने जागरूक होने से फ्रॉड कॉल को समय रहते पहचान लिया. ऐसे समय में जब देश में प्रौद्योगिकी को जमीनी स्तर तक ले जाया जा रहा है और अगर साइबर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें सटीक तरीके से रणनीति बनाकर और उस पर एक साथ, एक ही दिशा में आगे बढ़ना होगा। साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और आई4सी के अन्य प्लेटफॉर्म्स के बारे में जागरूकता फैलाने से इसकी उपयोगिता बढ़ेगी और अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए सभी राज्य सरकारों को अभियान से जुड़कर गांवों और शहरों तक जागरूकता फैलाने का काम करना होगा। पूरे उत्तराखंड में इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसटीएफ के रिकॉर्ड के मुताबिक जहां इस वर्ष सितंबर माह तक 84 केस साइबर क्राइम के दर्ज हुए हैं। वहीं, गत वर्ष ये संख्या महज 48 तक पहुंची थी। वहीं, वर्ष 2023 के एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल)की करें तो गत वर्ष साइबर क्राइम के उत्तराखंड में 209954 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जबकि, इस अगस्त यानि 8 महीनों में ये शिकायतें 12210 तक पहुंच गई है। जिस प्रकार से साइबर क्रिमिनल्स ने आम लोगों को लालच देकर करोड़ों रुपये ठगे। शिकायत दर्ज होने के बाद एसटीएफ की साइबर सेल ने भी कड़ी मेहनत के बदौलत साइबर ठगों और उनके द्वारा ठगी गई रकम को भी वसूलने में कोई कमी नहीं छोड़ी। एसटीएफ ने जहां वर्ष 2022 में 2.36 करोड़, वर्ष 2023 में 7.09 करोड़ और वर्ष 2024 में जून तक 10.65 करोड़ रुपये साइबर ठगों से रिकवर किए और 45 ठगों व आरोपियों को जेल तक पहुंचाया। जिस प्रकार से साइबर क्रिमिनल्स ने आम लोगों को लालच देकर करोड़ों रुपये ठगे। शिकायत दर्ज होने के बाद एसटीएफ की साइबर सेल ने भी कड़ी मेहनत के बदौलत साइबर ठगों और उनके द्वारा ठगी गई रकम को भी वसूलने में कोई कमी नहीं छोड़ी। एसटीएफ ने जहां वर्ष 2022 में 2.36 करोड़, वर्ष 2023 में 7.09 करोड़ और वर्ष 2024 में जून तक 10.65 करोड़ रुपये साइबर ठगों से रिकवर किए और 45 ठगों व आरोपियों को जेल तक पहुंचाया।

Share15SendTweet9
Previous Post

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का समावेशी विकास मॉडल: उत्तराखण्ड के लिए एक नया युग

Next Post

डोईवाला : डीएम के निर्देश के बाद भी खुला रहा निजी स्कूल*

Related Posts

उत्तराखंड

चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

June 23, 2026
7
उत्तराखंड

हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले पर वन विभाग के सामने बड़ी परीक्षा?

June 23, 2026
4
उत्तराखंड

कभी एशिया की सबसे बड़ी लक्कड़ मंडी था दून का लक्खीबाग!

June 23, 2026
4
उत्तराखंड

कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम ने केन्द्रीय विद्यालय एसएसबी ग्वालदम के बच्चों को खेती के गुर सिखाए

June 23, 2026
15
उत्तराखंड

रोटरी क्लब कोटद्वार का स्वर्ण जयंती समारोह हुआ सम्पन्न

June 23, 2026
10
उत्तराखंड

बेराधर में आयोजित रामलीला के 7वें दिन बाली सुग्रीव युद्ध का मंचन

June 23, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67703 shares
    Share 27081 Tweet 16926
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45783 shares
    Share 18313 Tweet 11446
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38060 shares
    Share 15224 Tweet 9515
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37449 shares
    Share 14980 Tweet 9362
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37362 shares
    Share 14945 Tweet 9341

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

June 23, 2026

हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले पर वन विभाग के सामने बड़ी परीक्षा?

June 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.