• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

युवा पाठकों के लिए प्रदर्शित की भारत की प्राचीन सभ्यता पर आधारित वेब श्रंखला

06/03/24
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
21
SHARES
26
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से आज पूर्वाह्न 11ः30 बजे ‘द रजा फाउंडेशन’ के सहयोग से नमित अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत की गई तीन लघु वेब श्रंखलाओं का निशुल्क प्रदर्शन पुस्तकालय में अध्ययन करने वाले युवा पाठकों के लिए किया गया। यह तीन वेब श्रंखलाएं थीं ‘द हडप्पन्स’ (24 मिनट),’द आर्यन्य एण्ड वैदिक ऐज’ (27 मिनट) तथा ‘द मौर्यन्स एण्ड मेगस्थनीज’ (28 मिनट)। यह तीनों वेब श्रंखलाएं ‘द इंडियंस ए ब्रीफ हिस्ट्री आॅफ ए सिविलाइजेशन’ पुस्तक पर आधारित हैं, और भारत के ऐतिहासिक स्थलों की सभ्यता के साथ ही भारत में प्राचीन और मध्यकालीन विदेशी यात्रियों द्वारा की गई यात्राओं की शानदार कहानी बतलाती हैं।

पहली वेब श्रंखला में हड़प्पावासियों ने भारतीय उपमहाद्वीप में पहले शहरों और एक भौतिक संस्कृति का निर्माण किया जिसमें उन्नत शहरी डिजाइन, शहर-व्यापी स्वच्छता और दुनिया में पहला इनडोर शौचालय शामिल थे। इस एपिसोड में नमित अरोड़ा शानदार तरीके से पश्चिमी भारत और पाकिस्तान के स्थलों पर, 2600-1900 ईसा पूर्व, इसकी परिपक्व अवधि की खोज करते हैं। वे हड़प्पा की जीवनशैली और कलाकृतियों, मिट्टी के बर्तनों, मुहरों, मूर्तियों, खिलौनों, आभूषणों, परिधान फैशन, सामाजिक संगठन, आहार मानदंडों से उभरने वाली कहानियों को अपनी ऐतिहासिक नजरों से देखते हैं और उनके धातु विज्ञान, उपकरण, वस्त्र, जहाज, व्यापार और दफन रीति-रिवाजों पर भी गहन तरीके से चर्चा करते हैं।

दूसरी वेब श्रंखला में हमें जानकारी मिलती है कि आर्य और वैदिक युग हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद, 2000-1500 ईसा पूर्व के बीच मध्य एशिया से आर्य प्रवासी आये। ये लोग हल्की त्वचा वाले खानाबदोश-पशुपालक लोग, आर्य उपमहाद्वीप के बसे हुए किसानों और गहरे रंग की वन जनजातियों से सांस्कृतिक रूप से भिन्न थे। अपने साथ आर्य लोग प्रारंभिक संस्कृत, प्रोटो-वेद, वैदिक देवताओं, अग्नि अनुष्ठानों और मौखिक मंत्रों के शौकीन पुजारी वर्ग, नए सामाजिक और लैंगिक पदानुक्रम, घोड़े और रथ को लाए। भरत और पुरु जैसी आर्यकृत जनजातियों के बीच युद्ध आम तौर पर हो गए थे। इसी सामाजिक संघर्षों से महाभारत जैसी शुरुआती कहानियां सामने आईं।

तीसरी वेब श्रंखला में अमित अरोड़ा मौर्य और मेगस्थनीज के युग का वर्णन करते हैं। उनके अनुसार मौर्य दरबार में यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने भारत के बारे में एक आकर्षक विवरण दिया था। मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र के विशाल शहर, उसके लकड़ी के घरों, दीवारों और वॉच टावरों का वर्णन किया है। बाद में अशोक आये जिन्होंने एक विस्तारित कृषि राज्य की बागडोर संभाली । अहिंसा के प्रति उनका सार्वजनिक आलिंगन दुनिया के सम्राटों के बीच महत्वपूर्ण और अद्वितीय था। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपना लिया और इसे दूर-दूर तक फैलाया। मौर्य काल में हमें अनेक प्रस्तर कला और आश्चर्यजनक मूर्तिकलाएं मिलती है। इनमें सांची और भरहुत स्तूप जैसे कुछ महत्वपूर्ण धरोहर शामिल हैं।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के प्रोग्राम एसोसिएट चनद्रशेखर तिवारी ने इस बेब श्रंखला पर संक्षिप्त जानकारी दी और कहा कि संस्थान की ओर से पुस्तकालय में विविध प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा पाठकों के लिए समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम करने के प्रयास किये जाते रहेगें।इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने भारत के प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों व सभ्यता पर संक्षिप्त जानकारी भी दी।इस अवसर पर ब्रिगेडियर भारत भूषण,कर्नल अरुण ममगाईं, शैलेन्द्र नौटियाल, पूर्व निदेशक राज्य अभिलेखागार, डॉ.लालता प्रसाद, जगदीश बाबला,पर्यावरण मित्र चनन्दन नेगी, दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सुन्दर सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह महर, सुमन भारद्वाज, मधन सिंह,विजय बहादुर सहित पुस्तकालय में अध्ययनरत बड़ी संख्या में युवा पाठक अपस्थित रहे।

Share8SendTweet5
Previous Post

मुख्यमंत्री ने देहरादून-अयोध्या, देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-वाराणसी के लिये किया हवाई सेवाओं का शुभारम्भ

Next Post

अक्षय पात्र को बाघ बकरी फाउंडेशन ने दिया नया डिलीवरी वाहन, 1200 बच्चे होंगे लाभांवित 

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, मिली मंजूरी महाबगढ़ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

August 4, 2026
3
उत्तराखंड

डोईवाला: पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि

August 4, 2026
3
उत्तराखंड

डोईवाला: सौंग नदी का अस्थायी सिंचाई बांध टूटा, 15 हजार से अधिक किसान प्रभावित

August 4, 2026
5
उत्तराखंड

ई-कचरे को रोज़गार के बेहतर अवसरों में बदलने पर ज़ोर

August 4, 2026
4
उत्तराखंड

स्वर्गीय सोबन सिंह जीना कुशल वक्ता, कूटनीतिज्ञ के अलावा पर्वतीय विकास के पैरोकार भी रहे

August 4, 2026
3
उत्तराखंड

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन

August 4, 2026
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67716 shares
    Share 27086 Tweet 16929
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38072 shares
    Share 15229 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, मिली मंजूरी महाबगढ़ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

August 4, 2026

डोईवाला: पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि

August 4, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.