डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। थाना रानीपोखरी क्षेत्र अंतर्गत थानों के धारकोट मार्ग स्थित जामा मस्जिद भवन के विरोध में मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ और होली खेलने जा रहे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने थानों चौक के समीप रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बजरंग दल, देवभूमि काली सेना, विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थानों स्थित बाला सुंदरी मंदिर में एकत्र हुए। यहां बैठक के बाद सभी मस्जिद की ओर कूच करने लगे। जय श्री राम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने थानों चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। डोईवाला, रानीपोखरी, जौलीग्रांट, रायवाला और ऋषिकेश थानों से पुलिस बल बुलाया गया था। संगठन की ओर से संबंधित भवन के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ और होली का कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। मौके पर मौजूद हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में थानों क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मस्जिद व मदरसे को बंद कराने की मांग की गई। उनका आरोप था कि इससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, बजरंग दल के प्रमुख नरेश उनियाल तथा काली सेना से जुड़े भूपेश जोशी को एहतियातन हाउस अरेस्ट किया गया है। ऋषिकेश पुलिस क्षेत्राधिकारी नीरज सेमवाल ने बताया कि 16 फरवरी को धारकोट मार्ग स्थित जामा मस्जिद को सील करने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन मस्जिद प्रबंधन द्वारा न्यायालय में अपील दायर किए जाने के बाद स्टे मिल गया, जिस कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि लोगों को समझाने का प्रयास किया गया कि जो भी कार्रवाई होगी, वह न्यायालय एवं विधि के प्रावधानों के अनुरूप ही की जाएगी। एमडीडीए के अधिकारी परवेश नौटियाल ने बताया कि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित दस्तावेज कार्यकर्ताओं को दिखा दिए गए हैं। बजरंग दल के प्रदीप राजपूत और अविनाश सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि आवासीय उपयोग के लिए आवंटित थी, लेकिन वहां अवैध रूप से मस्जिद और मदरसे का निर्माण किया गया है। उनका कहना है कि पूर्व में एमडीडीए द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए थे, लेकिन न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई तो वे देहरादून स्थित एमडीडीए कार्यालय का घेराव करेंगे।












