डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। हरिद्वार–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर खनन सामग्री से लदे ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। भारी वाहनों की दिन-रात आवाजाही से सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ओवरलोडिंग के कारण सरकार को राजस्व हानि होने की आशंका भी बनी रहती है। मंगलवार को लालतप्पड़ चौकी क्षेत्र में निर्माण सामग्री से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रही थी। मौके पर मौजूद माइनिंग टीम ने वाहन को रोका, लेकिन बिना किसी ठोस कार्रवाई के उसे जाने दिया। जब टीम के कर्मियों से इस संबंध में जवाब मांगा गया तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और वहां से चले गए। यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई बार बजरी और रेत सड़क पर गिर जाती है, जिससे फिसलन बढ़ती है और दोपहिया तथा छोटे वाहनों के लिए हादसे की आशंका बनी रहती है। प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए अवैध अथवा अनियमित खनन परिवहन पर सख्त कदम उठाने चाहिए। नियमों की अनदेखी न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी दांव पर लगा रही है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जनता की शिकायतों को संज्ञान में लेकर क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए।












