रिपोर्ट: रोबिन वर्मा/उत्तराखंड समाचार।
उत्तरकाशी: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी जनपद गोडर क्षेत्र के महत्वपूर्ण सारीगाड-कंडारी और सारी गाड़ – लोदन- मोलागांव मोटर , मार्ग पिछले दो दिनों से भारी भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद पड़ा है। समाजसेवी राजेश बहुगुणा ने कहा कि मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के 22 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और मुख्य बाजारों से पूरी तरह कट गया है, एक वैकल्पिक मार्ग जरूर है लेकिन उसके लिए अतिरिक्त 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करने पड़ रही है और उसमें भी काफी गड्ढे और कच्चा मार्ग है , जिसमें भारी वाहनों की आवाजही करने में समस्या हो रही है, क्षेत्र में लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है जिसमें नगदी फसल टमाटर ,बीन, सेब नाशपाती आदि तैयार हो रखी है लेकिन सड़क मार्ग बंद होने से फसले खराब हो रही है ।
आज इस गंभीर संकट को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई, जिसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी (डीएम) प्रशांत आर्य खुद प्रशासनिक और तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे डीएम और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के अधिशासी अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उस स्थान का बारीकी से जायजा लिया जहां पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया है और लगातार मलबा गिरने का सिलसिला जारी है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने की उठी पुरजोर मांग
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के 27 गांव (गोडर क्षेत्र) के जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में जो मार्ग पूरी तरह टूट चुका है, वहां दोबारा से सड़क का निर्माण करना भारी खतरे से खाली नहीं है। उस विशेष जोन में लगातार लैंडस्लाइड हो रही है, जिससे भविष्य में भी मार्ग के बार-बार बंद होने और जान-माल के नुकसान का बड़ा खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिलाधिकारी से मांग की है कि इस प्रभावित हिस्से को छोड़कर क्षेत्र के लिए एक नए वैकल्पिक मार्ग का सर्वे कर जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराया जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधि और समाजसेवी रहे मौजूद। सड़क बंद होने से क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप होने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के प्रभावित होने पर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता जताई। इस दौरान आयोजित बैठक और स्थलीय निरीक्षण में क्षेत्र के जेष्ठ प्रमुख प्रतिनिधि शूरवीर सिंह चौहान, जिला पंचायत प्रतिनिधि अर्जुन नेगी, नवीन बहुगुणा प्रधान ओड़गांव,और पीतांबर दत्त नौटियाल प्रधान लोदन, शूरवीर सिंह चौहान प्रधान जुगड़गांव , गब्बर सिंह प्रधान फवानगांव, सहित प्रभावित 22 गांवों के ग्राम प्रधानों ने हिस्सा लिया।इसके साथ ही क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाने के लिए प्रमुख समाजसेवी सीताराम गौड़, राजेश बहुगुणा, मुकेश गौड़, कुशालानंद नौटियाल, दिनेश नौटियाल और बच्चन सिंह चौहान , प्रदीप नौटियाल,विपिन पवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर डटे रहे। सभी ने एक सुर में शासन-प्रशासन से मांग की कि जब तक स्थायी या वैकल्पिक मार्ग बनाया जाय। जिलाधिकारी ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन जनप्रतिनिधियों की जायज मांगों को सुनने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि वे तत्काल इस क्षेत्र के सड़क मार्ग को सुचारु किया जाए ताकि जल्द से जल्द 22 गांवों की लाइफलाइन को दोबारा बहाल किया जा सके। साथ ही जनप्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर वैकल्पिक या स्थाई सड़क मार्ग को बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सारीगाड़ कंडारी पंपिंग योजना की धीमी गति पर क्षेत्र के लोगों ने नाराजगी जताई, और डंपिंग के दौरान क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर को दोबारा से बनाने के फ्वानगांव के लोगों ने जिलाधिकारी से मांग रखी, जिसे मौके पर ही जिलाधिकारी ने निस्तारण कर अधिकारियों को निर्देश दिए। वही इस दौरान क्षेत्र मे बहुउद्देशीय शिविर लगाने की भी मांग रखी जिस पर मौके पर ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को सितंबर माह के पहले सप्ताह में शिविर लगाने के निर्देश दिए।











