
कमल बिष्ट/उत्तराखंड समाचार।
कोटद्वार। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी मिशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संचालित ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ अभियान के अंतर्गत कोटद्वार स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शाखा प्रभारी बी.एस. रामोला जी की हुजूरी में आयोजित इस कार्यक्रम में संत निरंकारी सेवादल एवं संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (SNFC) के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 20 पौधों का रोपण किया। साथ ही, लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि मिशन का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना तथा समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करना है।
संत निरंकारी मिशन के प्रेरणास्रोत संदेश ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं’ को जीवन में अपनाते हुए उपस्थित सेवादारों ने स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति हमारा व्यवहार केवल वर्तमान पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन को भी प्रभावित करता है।
कार्यक्रम में संत निरंकारी सेवादल एवं SNFC के सदस्यों ने सेवा भावना के साथ पौधरोपण करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
‘वननेस वन’ अभियान प्रकृति के साथ एकात्मता एवं समरसता का संदेश देते हुए यह प्रेरणा प्रदान करता है कि धरती को हरा-भरा एवं सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।











