• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड के खिलाफ केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

31/12/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
40
SHARES
50
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
एक डॉक्टर सिर्फ बीमारी देखता है. वो डायग्नोसिस करता है, दवा लिखता है और आगे बढ़ जाता है. उसके लिए मरीज एक “केस” होता है, एक नंबर, एक फाइल होता है. उसकी आवाज में ठंडक होती है. नजरें घड़ी पर टिकी रहती हैं और शब्दों में जल्दबाजी होती है. वो सही हो सकता है, कुशल हो सकता है, लेकिन उसका इलाज सिर्फ शरीर तक ही पहुंचता है. दिल तक नहीं. मरीज उसके पास से उठता है तो शरीर में दवा तो होती है, लेकिन दिल में एक खालीपन, एक ठेस होती है.निमोस्लाइड दवा को 1985 में इटली में प्रस्तुत किया गया था और यह नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग श्रेणी की दवा है. दुनिया भर के कई देशों में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया,यूके, जापान और न्यूजीलैंड में इसे मंजूरी नहीं मिली. वहीं लंबे समय तक इसके प्रयोग से लीवर टॉक्सिसिटी, ब्लीडिंग, किडनी डैमेज और त्वचा पर रैश जैसी समस्याएं हो सकती हैं.केंद्र सरकार ने निमोस्लाइड दवा (पेन किलर) को लेकर बड़ा कदम उठाया है. इसको लेकर सरकार ने 100 एमजीसे अधिक खुराक वाली निमोस्लाइड की ओरल दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है.29 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बैन की अधिसूचना जारी की. यह फैसला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26ए के तहत लिया गया है. सरकार का कहना है कि ये दवा स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी हो सकती है. इसके कई सुरक्षित विकल्प मार्केट में मौजूद हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी करते हुए बताया गया है कि 100 एमजी से अधिक वाली निमोस्लाइड दवा मनुष्यों के लिए खतरा पैदा कर सकती है. यह एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग है, इसका लीवर पर खराब प्रभाव हो सकता है. इसके अलावा इस दवा के अन्य प्रतिकूल प्रभावों की वजह से दुनिया भर में जांच की जा रही है. वहीं सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की सलाह के बाद निमोस्लाइड दवा पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही इस दवा पर अब पूरे देश में तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय मनुष्य पर पेन किलर दवा के खतरे के मद्देनजर लिया है. जिससे लोगों की हेल्थ को किसी तरह का जोखिम नहीं हो. गौरतलब है कि पेनकिलर की डोज लेने की वजह से लिवर और किडनी पर प्रभाव पड़ता है. वहीं डॉक्टर भी पेनकिलर दवा के कम इस्तेमाल पर जोर देते हैं. सरकार ने पशुओं में उपयोग होने वाली सभी निमोस्लाइड दवाओं पर पहले ही बैन लगा दिया था. इसकी वजह पर्यावरण था, क्योंकि अध्ययन में पाया गया कि गिद्धों को यह दवा देने पर 24 घंटे में मौत हो जाती थी. भारत ने 2011 में बच्चों में निमोस्लाइड के प्रयोग पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन बड़े मरीजों को इसे खिलाया जा रहा था. हालांकि मार्च 2023 में भारतीय फार्माकोपिया कमीशन ने इसको लेकर चेतावनी दी थी कि यह दवा फिक्स्ड ड्रग एरप्शन (बार-बार एक ही जगह रैश) भी पैदा कर सकती है. लंबे समय तक बिना डॉक्टरी परामर्श के ऐसी दवाओं का सेवन अंगों के फेल होने का कारण बन सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में नाइमेसुलाइड के कई सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद हैं, इसलिए जोखिम भरी दवाओं के उपयोग को बंद करना ही जनहित में है। कई अध्ययनों में पाया गया कि 100 mg से ज्यादा डोज लेने से लीवर डैमेज का जोखिम बढ़ जाता है, जो कभी-कभी घातक हो सकता है। ICMR ने इसे पर्यावरणीय क्षति से भी जोड़ा है। इसके अलावा ऐसी दवाओं का इस्तेमाल इंसानों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है, जबकि सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं। पैरासिटामॉल या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल की जा सकती हैं। बता दें, भारत में इस दवा पर बच्चों के लिए पहले से ही बैन लग चुका है और अब वयस्कों के हाई डोज पर ध्यान दिया जा रहा है। यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत किया गया है।  विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े फार्मा हाउसेज पर सीमित प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि निमेसुलाइड NSAID मार्केट का छोटा हिस्सा है। हालांकि, छोटी कंपनियां जिनकी आय इस दवा पर निर्भर है, उन्हें नुकसान हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। अच्छा डॉक्टर समझता है कि अस्पताल सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि पीड़ित मानवता का आश्रय स्थल है. जहां हर आंसू को पोंछा जाना चाहिए, हर डर को गले लगाया जाना चाहिए. वहां हर शब्द एक घाव भर सकता है या नया घाव दे सकता है. आज का शिक्षित और जागरूक समाज यही मांग कर रहा है कि हमारे अस्पतालों में सिर्फ मशीनें और दवाइयां नहीं, बल्कि संवेदनशील दिल और सम्मानजनक शब्द भी हो, क्योंकि अन्ततः इलाज सिर्फ शरीर का नहीं, मन का भी है, जिसकी सच्ची दवा इंसानियत और करुणा है.” लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Share16SendTweet10
Previous Post

वाइब्रेंट व फर्स्‍ट विलेज बने उत्तराखंड में उम्मीद की किरण

Next Post

सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को ₹14 लाख की राहत राशि स्वीकृत

Related Posts

उत्तराखंड

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जायेगा : मुख्यमंत्री

September 11, 2026
5
उत्तराखंड

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम (ग्रेड वेतन-4200) के 33 पद सृजित

September 11, 2026
5
उत्तराखंड

जब विदेशी धरती पर गूंजा वो ‘अमर’ भाषण, भारत की कायल हुई दुनिया

September 11, 2026
2
उत्तराखंड

नीम करौली बाबा के घर पर किसका हक?

September 11, 2026
4
उत्तराखंड

हेली कंपनियों का सफर चुनौतियों भरा

September 11, 2026
3
उत्तराखंड

एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में क्रेच का शुभारंभ

September 11, 2026
7

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जायेगा : मुख्यमंत्री

September 11, 2026

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम (ग्रेड वेतन-4200) के 33 पद सृजित

September 11, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.