हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
शरादीय नवरात्रि के अंतिम दिन विजयादशमी के पर्व पर पिंडर घाटी के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर तमाम मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन डाली गईं हरीयाली को विधि-विधान के काट कर देवी भगवती को अर्पित करने के साथ ही अपने आप भी ग्रहण किया।इस मौके पर नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली में विशेष पूजा के तहत यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में नंदा भक्तों ने प्रतिभाग किया।
नवरात्रि के मौके पर अंतिम दिन विजयादशमी का पर्व को क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस मौके पर यहां के देवी मंदिरों एवं व्यक्तिगत अपने घरों के पूजाघरों में नवरात्र के पहले दिन बोएं गए हरीयाली को काट कर देवताओं को अर्पित करते हुए श्रद्धालुओं ने खुद भी धारण किया। दशहरे के पर्व पर देर तक मंदिरों में पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहा। प्रसिद्ध नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा में हवन,यज्ञ के साथ ही मंदिर में बोई गई हरीयाली को विधि-विधान के साथ काट कर पहले देवी को समर्पित किया गया और उसके बाद प्रसादी के साथ देवी भक्तों में वितरित किया गया।इस मौके पर मंदिर में एक भंडारे का भी आयोजन किया गया। देवराड़ा मंदिर में नंदा देवी सिद्धपीठ कुरूड़ के गौड़ पुजारी मंशा राम गौड़,पारेश्वर गौड़, योगेश्वर गौड़,सुनील गौड़ आदि ने भक्तों की पूजा अर्चना सम्पन्न करवाईं।इस मौके पर मंदिर समिति देवराड़ा के अध्यक्ष भुवन हटवाल, सचिव बिरेंद्र गुसाईं,थराली प्रमुख प्रवीण पुरोहित, रणजीत सिंह रावत, जगदीश पुरोहित, सभासद मनोज गुसाईं,केदार पंत,मदन गुसाईं,प्रेम गुसाईं, दर्शन शाह भगवत भंडारी आदि ने भंडारे एवं पूजा,अर्चना सम्पादित करने में सक्रिय भूमिका निभाई।














