• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने किया देश को किया गौरवान्वित

22/07/23
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
489
SHARES
611
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला

बागेश्वर रैखोली गांव काफलीगैर तहसील क्षेत्र के मूल निवासी है। नैनीताल में पढ़े व उत्तराखंड के जनपद के मूल निवासी दिल्ली विश्वविद्यालय के युवा प्रोफेसर डॉ.दीवान सिंह रावत ने लाइलाज पार्किंसन बीमारी की औषधि खोज निकाली है। उनकी अमेरिकन पेटेंट प्राप्त औषधि को अमेरिका की एक कंपनी बाजार में निकालेगी। इसके लिए डॉ.रावत का अमेरिकी कंपनी से करार हो गया है। औषधि विज्ञान के लिए यह बहुत बड़ी खोज बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि देश के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड विलसन रीगन भी अपने अंतिम समय में, वर्षों तक इसी पार्किंसन नाम की लाइलाज बीमारी से पीड़ित रहे थे।
उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही दुनिया में लाइलाज पार्किंसन की डॉ.रावत की खोजी हुई औषधि बाजार में
आ जाएगी, और भविष्य में वाजपेयी और रीगन सरीखे सभी खास व आम लोगों सहित पूरी मानव सभ्यता को इस
जानलेवा व कष्टप्रद बीमारी से मुक्ति मिल पाएगी।

डॉ.रावत ने बताया कि वैज्ञानिक कंपाउंड बनाते रहते हैं, किंतु
करीब 10 हजार कंपाउंड बनाने पर एक कंपाउंड ही बाजार में आ पाता है और इस प्रक्रिया में 16 से 18 वर्ष लग जाते हैं, एक दवा बनाने में करीब 450 मिलियन डॉलर का खर्च आता है। ऐसे में अनेकों वैज्ञानिक अपने पूरे सेवा काल में अपनी खोजी दवाओं को बाजार में लाने से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। लेकिन डॉ.रावत की खोज करीब सात वर्ष में और काफी कम खर्च में ही बाजार में आने जा रही है। पहाड़ की कठिन परिस्थितियां व्यक्ति को इतना मजबूत कर देती हैं कि यहां के लोग कुछ भी ठान लें तो उसे पूरा करके ही मानते हैं। डॉ.रावत उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के ताकुला से आगे कठपुड़ियाछीना के पास दुर्गम गांव रैखोली के निवासी हैं।

किसी भी आम पहाड़ी की तरह उन्होंने गांव में खेतों में हल जोतने से लेकर गोबर डॉलने तक हर कष्ट झेला है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही हुई।नौवीं कक्षा के बाद डॉ.रावत नैनीताल आ गए और यहां भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से 10वीं व 12वीं तथा आगे यहीं डीएसबी परिसर से 1993 में टॉप करते हुए एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से प्रो डीएस भाकुनी के निर्देशन में पीएचडी की डिग्री हासिल की।

इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष उद्योगों में प्राइवेट नौकरी भी करनी पड़ी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 1999 में अमेरिका चले गए और तीन वर्ष वहां रहकर अध्ययन आगे बढ़ाया। वापस लौटकर 2002 में मोहाली और फिर 2003 में अपनी प्रतिभा से सीधे प्रवेश कर दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे। 2010 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘सबसे युवा प्रोफेसर’ के रूप में भी प्रतिष्ठित हुए। एकेडमी की स्थापना 1930 में प्रो. मेघनाथ साह ने की थी। 1921 लोगों को अब तक यह सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि उनसे पूर्व उत्तराखंड के पीएचडी सुपरवाइजर डा. डीएस भाकुनी को यह सम्मान 1977 में प्रदान किया गया था। रसायन विभाग में उत्तराखंड से यह सम्मान पाने वाले वह दूसरे व्यक्ति होंगे। उनकी कामयाबी पर तमाम लोगों ने खुशी जताई है। प्रो. रावत ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय कमेस्ट्री विभाग के सौ वर्ष के इतिहास में यह सम्मान पाने वाले वह तीसरे हैं, जबकि उत्तराखंड के दूसरे व्यक्ति हैं। प्रो. रावत के पिता जीत सिंह रावत वन विभाग में कार्यरत थे। प्रो. रावत के एक भाई सेना में कार्यरत हैं जबकि उनके जुड़वा भाई का पूर्व में निधन हो गया था।

प्रो. रावत ने एक वार्ता में कहा कि उनकी प्राथमिकता कुमाऊं विवि की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और इसके डिजिटाइजेशन की होगी। बतौर डीन परीक्षा वे दिल्ली विवि में भी पूर्ण डिजिटाइजेशन कर चुके हैं। इस सुधार के बाद दिल्ली विवि के 97वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में 1.78 लाख डिग्रियां डिजिटल जारी की गईं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था। प्रो. रावत ने बताया कि दिल्ली विवि में सर्वाधिक पीएचडी की जाती हैं और डिजिटाइजेशन से क्वालिटी में सुधार सहित निस्तारण प्रक्रिया में तेजी भी आई है। प्रो. रावत ने कहा कि पर्वतीय
क्षेत्र की आवश्यकताओं और विशेषताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करना और विद्यार्थियों सहित कर्मचारियों और अध्यापकों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण, विवि के भवनों का जीर्णोद्धार और सभी विभागों का डिजिटाइज उनकी प्राथमिकता रहेगा।  अब कुमाऊं विश्वविद्यालय के न‌ए कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी गई है रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. दीवान सिंह रावत अब तक क‌ई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं। प्रो. रावत के 148 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। अब बने सबसे युवा कुलपति है लेखक की तरफ से उन्हें नए पद के लिए शुभकामनाएं। उनकी सफलता का सफर यूं ही जारी रहे हम यही कामना करते हैं। लेखक दून विश्वविद्यालय कार्यरत हैं।

Share196SendTweet122
Previous Post

ग्वालदम-थराली-कर्णप्रयाग नेशनल हाईवे करीब 12 घंटों से अवरूद्ध

Next Post

पिंडर नदी पर इलेक्ट्रॉनिक ट्राली लगाने की जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय विधायक एवं उपजिलाधिकारी से मांग की

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, मिली मंजूरी महाबगढ़ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

August 4, 2026
7
उत्तराखंड

डोईवाला: पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि

August 4, 2026
18
उत्तराखंड

डोईवाला: सौंग नदी का अस्थायी सिंचाई बांध टूटा, 15 हजार से अधिक किसान प्रभावित

August 4, 2026
63
उत्तराखंड

ई-कचरे को रोज़गार के बेहतर अवसरों में बदलने पर ज़ोर

August 4, 2026
9
उत्तराखंड

स्वर्गीय सोबन सिंह जीना कुशल वक्ता, कूटनीतिज्ञ के अलावा पर्वतीय विकास के पैरोकार भी रहे

August 4, 2026
6
उत्तराखंड

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन

August 4, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67716 shares
    Share 27086 Tweet 16929
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38072 shares
    Share 15229 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, मिली मंजूरी महाबगढ़ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

August 4, 2026

डोईवाला: पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि

August 4, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.