डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। सौंग नदी के लच्छीवाला क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनाया गया अस्थायी बांध नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त होकर टूट गया है। बांध टूटने से सिंचाई नहर में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे डोईवाला नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई हजार बीघा कृषि भूमि पर सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सबसे अधिक चिंता धान उत्पादक किसानों को सता रही है। दरअसल, धान की फसल को इस समय लगातार पानी की आवश्यकता होती है। सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान पहले ही प्राकृतिक जल स्रोतों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह पा रहे हैं। ऐसे में नहर का पानी बंद होने से खेतों तक पर्याप्त सिंचाई नहीं पहुंच पा रही है।
बताया जा रहा है कि अस्थायी बांध टूटे हुए 20 दिन से अधिक हो चुके हैं। इस अल्लाहरखी नहर से सिंचाई करने वाले 15 हजार से अधिक किसान प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि बांध टूटने के बाद उन्होंने नगर पालिका से जेसीबी मशीन उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि अस्थायी बांध का पुनर्निर्माण कर नहर में पानी छोड़ा जा सके। हालांकि अब तक मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि किसानों को बार-बार नुकसान न उठाना पड़े।
किसान अमजद अली और महेंद्र सिंह ने बताया कि धान की फसल इस समय पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है। नहर में पानी नहीं आने से खेत सूखने लगे हैं। यदि दो-तीन दिन के भीतर व्यवस्था नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, किसान सुरेंद्र पाल नेगी ने कहा कि हर वर्ष बरसात के दौरान अस्थायी बांध टूट जाता है, जिससे किसानों को यही परेशानी झेलनी पड़ती है।
नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि किसानों की समस्या गंभीर है। इस संबंध में एसडीएम डोईवाला से वार्ता कर जल्द से जल्द सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।











