• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

अवैध कब्जाधारकों के लिए रेड कार्पेट, पहाड़ के आपदा से जूझ रहे गांवों की सुध नहीं

23/10/22
in उत्तराखंड, चमोली, देहरादून
Reading Time: 1min read
114
SHARES
142
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
शंकर सिंह भाटिया
आप कहीं के भी रहने वाले हों, देहरादून आओ, नदी-खालों में कब्जा कर रहने लगो, सरकार आपके लिए रेड कारपेट लेकर खड़ी मिलेगी। लेकिन टूट रही पहाड़ियों के बीच खतरनाक जीवन यापन करने के लिए मजबूर मूल निवासी अपने हाल पर छोड़ दिए गए हैं। बिना बारिश बिना भूकंप के जिस तरह पैनगढ़ गांव में रात में आए भूस्खलन से एक पूरा परिवार असमय काल के गाल में समा गया, पहाड़ के 395 गांवों के लोग इसी खतरे से जूझ रहे हैं। लेकिन जब कोई ऐसी घटना होती है, थोड़ी देर के लिए सक्रियता दिखाई देती है, कुछ समय बाद सबकुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उत्तराखंड सरकार के पास अवैध कब्जा कर नदी-खालों में बस गए लोगों को पुनर्वासित करने के लिए हजारों करोड़ का बजट उपलब्ध है, लेकिन जो वास्तव में आपदाओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए कोई बजट नहीं है। जब उनके पुनर्वास की बारी आती है तो केंद्र सरकार पर मामला छोड़ दिया जाता है कि जब केद्र सरकार इसके लिए बजट देगी तब देखा जाएगा। उत्तराखंड की इस कड़वी सच्चाई के लिए यहां के जनप्रतिनिधि कम जिम्मेदार नहीं हैं। देहरादून समेत दूसरे तराई के शहरों में अवैध कब्जा कर राज्य से बाहर के लोगों को लाकर बसाने वाले जनप्रतिनिधि खम ठोककर यह काम करा रहे हैं, उन्हीं के दबाव में अवैध बसाए गए लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अरबों का बजट जारी कर देती है। पहाड़ के जनप्रतिनिधि अपनी सरकार पर ऐसा दबाव बनाने में भी नाकाम रहे हैं।
सन् 2013 की आपदा से पहले उत्तराखंड में 233 गांवों को रहने योग्य नहीं पाया गया। 2013 की आपदा ने पहाड़ में ऐसे गांवों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी कर दी। उसके बाद दैवी आपदा प्रभावित गांवों की संख्या तेजी से बढ़कर 395 हो गई। हालांकि इतनी बड़ी आपदा आने के बाद भी सर्वेक्षण की गति नहीं बढ़ी न ही पुनर्वास में तेजी आई। आपदा प्रबंध विभाग ने अब तक 225 गांवों का सर्वेक्षण किया है। 2013 से पहले इन 233 गांवों में से 101 गांवों का सर्वेक्षण किया गया था। अब आपदा प्रबंधन विभाग दावा कर रहा है कि सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के साथ पुनर्वास कार्य में भी गति लाई जा रही है। सवाल उठता है कि क्या उत्तराखंड सरकार पुनर्वास के लिए चमोली जिले के पैनगढ़ जैसी घटनाओं का इंतजार कर रही है?
सरकार दावा कर रही है कि पुनर्वास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 45 गांवों के 521 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है। जिस पर सरकार ने 21.27 करोड़ खर्च किए हैं। सरकार का दावा है कि इसके अलावा 42 अन्य आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कार्य गतिमान है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पुनर्वास योजना के अंतर्गत पिथौरागढ़ जिले में 243 परिवारों का पुनर्वास किया गया, जिसके लिए 10.26 करोड़ की धनराशि जारी हुई। उत्तरकाशी जनपद में 114 आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 4.3 करोड़ की धनराशि जारी की गई।
रूद्रप्रयाग जिले में 76 परिवारों के पुनर्वास के लिए 3.24 करोड़, टिहरी जिले में 37 परिवारों के लिए 1.57 करोड़, बागेश्वर जिले के 13 परिवारों के पुनर्वास के लिए  55.25 लाख रुपये, अल्मोडा़ जिले के 8 परिवारों के लिए 32.80 लाख रुपये तथा चमोली जिले के 30 परिवारों के पुनर्वास के लिए 1.27 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में आपदा प्रभावित 12 गांवों के 177 परिवारों का पुनर्वास हुआ। वर्ष 2018-19 में 6 गांवों के 151 परिवारों और वित्तीय वर्ष 2019-20 में 7 गांवों के 360 परिवारों एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13 गांवों के 258 आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 45 गांवों के 521 आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है। 10 आपदा प्रभावित गांवों के 42 परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है। इनकी सूची शासन स्तर बनाई जा चुकी है, कार्यवाही शुरू होने का इंतजार है। इस सूची में चमोली जनपद के थराली ब्लॉक में सूना कुल्याडी तोक के 3 परिवार, झलिया गांव के 2 परिवार, रूद्रप्रयाग जिले के 15 परिवार, उत्तरकाशी जिले का एक परिवार तथा पिथौरागढ़ में 21 परिवार शामिल हैं।
सरकार के ये दावे यदि सही हैं, तब भी यह प्रयास उंट के मुंह में जीरे के समान हैं। यदि वास्तव में आपदा पीड़ितों के साथ न्याय करना है तो सभी को पुनर्वासित करना होगा और यह कार्य जितना जल्दी हो उतना जल्दी करना होगा।
ReplyForward
Share46SendTweet29
Previous Post

ग्रामीण विकास सचिव डा वीवीआरसी पुरुषोत्तम ने किया उरगम घाटी विकास कार्यो का स्थलीय निरीक्षण

Next Post

395 गांवों पर मंडरा रहा मौत का साया

Related Posts

उत्तराखंड

नियमित रूप से जनगणना कार्य की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, जिससे प्रगति की सतत निगरानी हो सके : जिलाधिकारी

April 24, 2026
7
उत्तराखंड

मानव एकता दिवस पर रक्तदान शिविर में पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी, दिया सेवा एवं एकजुटाता का संदेश

April 24, 2026
7
उत्तराखंड

विधायक भूपाल राम टम्टा ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आलम सिंह फर्स्वाण की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया

April 24, 2026
3
उत्तराखंड

रचनाकारों के साहित्यिक परिवेश व सम्बन्धों को उजागर करती है ‘यायावर की यादें

April 24, 2026
4
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण

April 24, 2026
5
उत्तराखंड

20वीं सदी के ‘तानसेन’ बड़े गुलाम अली खान ने संगीत को दिया नया आयाम

April 24, 2026
6

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67674 shares
    Share 27070 Tweet 16919
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

नियमित रूप से जनगणना कार्य की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, जिससे प्रगति की सतत निगरानी हो सके : जिलाधिकारी

April 24, 2026

मानव एकता दिवस पर रक्तदान शिविर में पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी, दिया सेवा एवं एकजुटाता का संदेश

April 24, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.