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सड़क निर्माण के नाम पर बांज, बुरांश के पेड़ पौधों की चढ़ा दी गई बलि

नष्ट पर्यावरण को कैसे किया जाएगा सुदृढ़ प्रश्न बनकर उभरा

12/11/24
in उत्तराखंड, चमोली
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*सड़क निर्माण के नाम पर बांज, बुरांश के पेड़ पौधों की चढ़ा दी गई बली,नष्ट पर्यावरण को कैसे किया जाएगा सुदृढ़ प्रश्न बनकर उभरा*

हरेन्द्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। विकास खंड देवाल के अंतर्गत सड़क निर्माण के नाम पर मूल्यवान बांज, बुरांश के पेड़ों को जमकर नुकसान पहुंचा कर पर्यावरण को आपूर्ति क्षति पहुंचाई गई है।
दरअसल पीएमजीएसवाई के तहत देवाल ब्लाक में वर्ष 2018 -19 में चोटिग से उदेपुर लग्गा 9.65 किमी निर्माण की स्वीकृति दी थी।इस के निर्माण का जिम्मा सरकार ने एनपीसीसी को सौंपा था। एनपीसीसी ने इसके निर्माण की निविदाएं आमंत्रित की, फेज वन एवं बाद में फेज टू के निर्माण का जिम्मा मैसर्स देवभूमि कंस्ट्रक्शन ऋषिकेश को मिल गया। 2019 से निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया, किंतु निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही गाहे-बगाहे निर्माण को लेकर प्रश्न उठते रहे। विगत महिनों भाजपा मंडल इकाई देवाल के अध्यक्ष उमेश मिश्रा के द्वारा सड़क को लेकर लगाईं गई सूचना पर जो जानकारी सार्वजनिक हुई उसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ।सड़क पर कुल 8 डंपिंग जोनों के निर्माण का प्रस्ताव था। सूचना के अनुसार 7 डंपिंग जोन धरातल पर बनाएं जाने का दावा किया गया है। किंतु धरातल कुछ और ही कहानी प्रदर्शित कर रही है।
इस मामले पर भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र भेजा है। जिससे कहा गया हैं कि सड़क पर दिखावें के लिए मात्र 2-3 मग डंपिंग जोन बनाएं गए हैं। जबकि सड़क कटिंग का मलवा पहाड़ियों व जंगलों में बहुत तरतीब फेंका गया हैं। जिससे बहुमूल्यवान बांज , बुरांश जैसी प्रजाति के पेड़ पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। पत्र में सड़क के मानकों का जिक्र करते हुए कहा गया है, कि कई स्थानों पर सड़क को मात्र 3 से 3.50 मीटर चौड़ाई में ही काटा गया हैं। कहा गया है कि मामले में उनके द्वारा एक सप्ताह पूर्व बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर के आलाधिकारी को फोनों के माध्यम से सूचना दी गई, किन्तु आज तक अपेक्षित कार्यवाही नही की गई। मंडल अध्यक्ष ने सीएम एवं वन मंत्री से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की हैं।
——-
*रिपोर्ट में खुलासा, पेड़ पौधों को पहुंची हैं क्षति, आंकलन के बाद लगेगा जुर्माना एवं होगी कार्रवाई-डीएओं*

इस मामले में बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है।उन्होंने रेंजर देवाल को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। जिस पर रेंजर ने विभागीय टीम के साथ स्थानीय निरीक्षण कर लिया है। प्रथम दृष्टियां निर्माण के दौरान कई अनियमितताएं देखने को मिली हैं। बांज,बुरांश आदि के पेड़ो को भारी पहुंचाया गया हैं। बताया कि एसडीओ को नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए हैं, रिपोर्ट आ जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
——-
*कुछ स्थानीय नेताओं का हो सकता है संरक्षण -बिष्ट*

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महावीर बिष्ट का कहना है कि जिस तरह से उदेपुर सड़क में नियम कानूनों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किये जा रहें हैं, इससे स्पष्ट है कि कुछ स्थानीय नेताओं का ठेकेदार से मिली भगत हो सकती हैं। बताया कि विगत वर्षों देवाल ब्लाक के ही ल्वाणी-इजरपाट्ट-लग्गा ताजपुर में वन विभाग ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 24 लाख रूपयों का जुर्माना था। इसके विपरीत उदेपुर में इजरपाट सड़क से कई अधिक पर्यावरण को क्षति पहुंचाई गई हैं। इसके अलावा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भारी अभाव बना हुआ हैं। उन्होंने पर्यावरण को पहुंचाई गई क्षति एवं सड़क निर्माण के मानकों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं।

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