कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। टाटा कमर्शियल बद्रीनाथ मार्ग में पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें श्रीमद् भागवत का यह छटवा दिन था जिसमें कथावाचक धर्म प्रवक्ता आचार्य अनुरोध सेमवाल प्रियदर्शी महाराज जी ने भगवान के साथ प्रीति बनाने के लिए जीव को भगवान के साथ संबंध बनाने के विषय पर चर्चा की उन्होंने कहा जब हम एक मां भगवान को पुत्र मानती है एक प्रेमिका भगवान को प्रेम मानती है एक बहन भगवान को भाई मानती है और हम जिस संबंध में भी भगवान से प्रेम करते हैं भगवान उन संबंधों के द्वारा हमारे जीवन में भक्ति प्रेम ज्ञान विश्वास को भरता है। श्रीमद् भागवत की इस कथा में रुक्मणी विवाह की झांकी के साथ रुक्मणी विवाह का विवाह उत्सव मनाया गया, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचे थे। धर्म प्रवक्ता आचार्य प्रियदर्शी जी ने सभी श्रोताओं व मात्रशक्ति से निवेदन किया कि धर्म को बढ़ाने के लिए अपने घरों में अपने युवा शक्ति को हमारे धर्म ग्रंथों के विषय में बताएं, घर पर धर्म ग्रंथ, धर्म वृक्ष और धार्मिक विचार ही हमारे इस सनातन का आधार है, हमें विवाह संस्कारों को बचाना होगा। अपने संस्कारों को जीवित कर आधुनिक शैली से लड़ना होगा। आचार्य सेमवाल ने समस्त जन समूह को निवेदन किया है कि हम अपने उत्सवों में सभी व्यसनों का बहिष्कार करेंगे और अपने धर्म पर एकता के साथ अधिक रहेंगे। उन्होंने कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालु बहनों से निवेदन किया है कि वह धर्म की रक्षा के लिए आगे आ सकती हैं परिवार को जोड़ सकती हैं। आचार्य अनुरोध सेमवाल ने गौ, गंगा और गांवों को बचाने पर भी जोर दिया। आज कथा के विराम दिवस पर श्रीमद भागवत ज्ञान कथा का आयोजन जयपाल सिंह एवं यशपाल सिंह अपने पिता की वार्षिक तिथि पर किया।











