डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा सामाजिक-आर्थिक चेतना और वैचारिक सुदृढ़ता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के शीर्ष विचारकों, कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य तथा स्वदेशी आंदोलन की भावी दिशा पर गहन मंथन किया। विचार वर्ग के विभिन्न सत्रों में स्वावलंबी भारत अभियान, स्थानीय रोजगार सृजन, कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन तथा देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैचारिक रोडमैप तैयार किया गया। प्रांत सह-संयोजक गौरव कुमार ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति स्वदेशी संस्कृति, स्वदेशी तकनीक और स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनना होगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनमें उद्यमशीलता की भावना विकसित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्य अतिथि विनोद उनियाल ने स्वदेशी के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर युवाओं को इस अभियान से तेजी से जोड़ा जा सकता है। इस अवसर पर संतोष रावत, अजय अरोड़ा, डॉ संजय तनेजा, डॉ नागेंद्र, डॉ गिरीश लखेरा, डॉ. मुकुल सहित आदि रहे।











