डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) की ओर से आयोजित क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीलंका से आए सिविल सर्वेंट्स के प्रतिनिधिमंडल ने जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय का अध्ययन भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को एसडीआरएफ उत्तराखंड की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की रणनीतियों, सर्च एवं रेस्क्यू तकनीकों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ के आधुनिक प्रशिक्षण संसाधनों, अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों तथा प्रशिक्षित कार्मिकों की पेशेवर दक्षता का अवलोकन किया। इस दौरान विभिन्न रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन कर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी भी दी गई। श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ की कार्यशैली, अनुशासित प्रशिक्षण व्यवस्था तथा मानव जीवन की सुरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने एसडीआरएफ को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अनुकरणीय संस्था बताते हुए कहा कि इसका अनुभव और व्यावहारिक मॉडल अन्य देशों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायक है। इस अवसर पर उप सेनानायक शुभांक रतूड़ी, प्रमोद कुमार रावत आदि मौजूद रहे।











