• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

देहरादून में गैस सिलेंडर संकट से फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स व्यवसाय प्रभावित: एसडीसी फाउंडेशन के रैपिड सर्वे में खुलासा

02/04/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
14
SHARES
18
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

देहरादून: एसडीसी फाउंडेशन के प्रवीण उप्रेती और प्यारे लाल द्वारा 25 और 26 मार्च 2026 को किए गए दो दिवसीय रैपिड सर्वे में देहरादून के फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स पर जारी गैस सिलेंडर संकट के गंभीर प्रभाव सामने आए हैं। यह रैपिड सर्वे राजपुर रोड क्षेत्र के विभिन्न फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स पर किया गया, जिससे जमीनी स्तर पर स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आई है।

*रैपिड सर्वे में राजपुर रोड के 10 फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स*

सर्वे में कुल 10 फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स को शामिल किया गया, जिनमें कैफे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और एक होटल शामिल हैं। इनमें से अधिकांश छोटे स्तर के व्यवसाय हैं, जिनमें से छह प्रतिष्ठान संकट से पहले प्रतिदिन 100 से कम ग्राहकों को सेवा देते थे। ऐसे व्यवसाय आपूर्ति बाधित होने पर अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

*गैस की कमी के परिणाम*

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए बताया कि सर्वे में शामिल 100 प्रतिशत व्यवसाय गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित हुए हैं। सभी प्रतिष्ठान मुख्य रूप से एलपीजी गैस  पर निर्भर हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित रूप से इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग भी किया जाता है। विभिन्न प्रतिष्ठानों में यह बाधा एक सप्ताह से लेकर एक महीने से अधिक समय तक बनी रही है।

*आधे फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स को 25 से 50 प्रतिशत तक टर्नओवर में गिरावट*

आर्थिक प्रभाव के संदर्भ में सर्वे से पता चलता है कि आधे व्यवसायों को 25 से 50 प्रतिशत तक टर्नओवर में गिरावट का सामना करना पड़ा है। कुछ प्रतिष्ठानों ने 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान की भी सूचना दी, जबकि अन्य को अपेक्षाकृत कम लेकिन उल्लेखनीय हानि हुई। यह स्थिति शहर के फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स पर व्यापक आर्थिक दबाव को दर्शाती है।

*सीमित किया मेनू*

संकट के दौरान संचालन में बदलाव आवश्यक हो गया है। दस में से आठ फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स ने ईंधन बचाने के लिए अपने मेनू को सीमित कर दिया है। कुछ ने अपने संचालन समय में भी कटौती की है, जबकि अन्य सीमित संसाधनों के साथ काम चला रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर सेवा गुणवत्ता और ग्राहक अनुभव पर पड़ रहा है।

*अभी तक कस्टमर के लिए पुराने रेट*

दिलचस्प रूप से, अधिकांश व्यवसायों ने कीमतों में वृद्धि नहीं की है। दस में से सात उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्होंने लागत बढ़ने के बावजूद कीमतें नहीं बढ़ाईं, जिससे स्पष्ट होता है कि वे ग्राहकों को बनाए रखने के लिए स्वयं नुकसान सह रहे हैं। हालांकि, यह रणनीति लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती।

*विकल्प का रुझान*

व्यवसाय इस संकट से निपटने के लिए विभिन्न उपाय अपना रहे हैं, जैसे मेनू सीमित करना, बैकअप सिलेंडरों का उपयोग करना और वैकल्पिक कुकिंग तरीकों को अपनाना। कई प्रतिष्ठानों ने इंडक्शन चूल्हों और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग शुरू किया है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर शुरुआती बदलाव को दर्शाता है।

*भविष्य की राह*

भविष्य की दृष्टि से, कई फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स एलपीजी गैस पर निर्भरता कम करने के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। दस में से छह उत्तरदाता एलपीजी और इलेक्ट्रिक कुकिंग के मिश्रित मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि कुछ पूरी तरह से इलेक्ट्रिक प्रणाली की ओर जाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, सभी ने उच्च लागत को सबसे बड़ी बाधा बताया है।

संचालन संबंधी कठिनाइयों के बावजूद, ग्राहक मांग अधिकांश प्रतिष्ठानों में स्थिर बनी हुई है। फिर भी, व्यवसाय संचालकों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और सभी ने आने वाले एक से दो महीनों के लिए चिंता व्यक्त की है।

*सरकार करे गंभीर प्रयास, शुरु करे संवाद*

अनूप नौटियाल ने कहा, “यह रैपिड सर्वे स्पष्ट रूप से दिखाता है कि गैस सिलेंडर संकट केवल आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए एक गंभीर आर्थिक चुनौती बन चुका है। फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर्स कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके पास सीमित विकल्प हैं जो लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हैं। आवश्यक है कि गैस आपूर्ति प्रणाली को विश्वसनीय बनाया जाए और वैकल्पिक ऊर्जा के लिए समर्थन प्रदान किया जाए। सरकार को चाहिए कि वह सीधे हितधारकों से संवाद करे और उन्हें विश्वास में ले। हम जल्द ही यह रिपोर्ट संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ साझा करेंगे।”

यह रैपिड सर्वे नीतिगत  स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना, वैकल्पिक ऊर्जा समाधान को बढ़ावा देना और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। समय पर कार्रवाई नहीं होने पर यह संकट व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।

Share6SendTweet4
Previous Post

प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार – मुख्यमंत्री

Next Post

समृद्ध राष्ट्र के लिए ‘संस्कार युक्त, नशामुक्त युवा’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

Related Posts

उत्तराखंड

सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना को समर्पित ‘सेवा पखवाड़ा’ का शुभारम्भ

July 4, 2026
7
उत्तराखंड

विश्व बंधुत्व के विचार और संदेश की मिसाल थे स्वामी विवेकानंद

July 4, 2026
3
उत्तराखंड

दिल्ली मेट्रो का यह फैसला बढ़ जाएगी यात्रियों की परेशानी

July 4, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: समिति के सदस्यों ने कैंसर पीड़ित मासूम के लिए किया रक्तदान

July 4, 2026
9
उत्तराखंड

डोईवाला: पीटीए में अंकित रस्तोगी व एसएमसी में सचिन बने अध्यक्ष

July 4, 2026
18
उत्तराखंड

एक वर्ष बाद भी जाखन पुल का निर्माण शुरू न होना सरकारी उदासीनता का प्रमाण : उनियाल

July 4, 2026
6

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67710 shares
    Share 27084 Tweet 16928
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45785 shares
    Share 18314 Tweet 11446
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38065 shares
    Share 15226 Tweet 9516
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37452 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना को समर्पित ‘सेवा पखवाड़ा’ का शुभारम्भ

July 4, 2026

विश्व बंधुत्व के विचार और संदेश की मिसाल थे स्वामी विवेकानंद

July 4, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.