डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। तहसील क्षेत्र के बाजावाला में सुसवा नदी में धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी के अस्तित्व और पर्यावरण पर भी खतरा मंडरा रहा है। बताया जा रहा है कि मारखम ग्रांट के बाजावाला क्षेत्र में सुसवा नदी के बीचों-बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और घोड़ा-खच्चरों के माध्यम से खनन सामग्री निकाली जा रही है।
आरोप है कि खनन कारोबारी दिनदहाड़े नदी का सीना चीरकर खनन गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से यह गतिविधियां संचालित हो रही हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कारोबारी प्रशासनिक कार्रवाई के भय के बिना दिन-रात अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं। नदी से लगातार खनन किए जाने के कारण उसके प्राकृतिक स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, बरसात के मौसम में नदी के किनारों पर कटाव और अन्य पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और खनन विभाग से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कार्य में संलिप्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों एवं अन्य वाहनों को सीज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी राजस्व की चोरी पर अंकुश लगाया जा सके।
खनन अधिकारी पंकज चंद ने बताया कि बाजावाला क्षेत्र में सुसवा नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध खनन किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। अवैध खनन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।











