हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
चेपोडो गांव के पास पिंडर नदी में चल रहे रिवर ड्रेजिंग का खामियाजा तहसील मुख्यालय थराली के बाजार बूरु तरह से पड़ रहा है, दरसअल चेपड़ो से उपखनिज से लदे वाहनों की लगातार आवाजाही थराली बाजार के व्यापारियों,स्थानीय लोगों एवं राहिगीरों को भारी दिक्कतों
का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर बनें हुए हैं कि डंपरों की लगातार आवाजी के कारण कई बार आमलोगों की आवाजाही में भी कई देर तक रकना पड़ता हैं।मुख्य बाजार व थराली -देवाल मोटर सड़क पर पिंडर नदी पर बने मोटर पुल से एक साथ कई भारी डंपरों के गुजरने से दशकों पूर्व बनें मोटर पुल के ऊपर अस्तित्व का खतरा उत्पन्न हों गया है। इसके अलावा बाजरा क्षेत्र में हरक्षण दुर्घटना का खतरा बना हुआ हैं। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन आखिरकार किन प्रस्थितियों में खामोश बना हुआ हैं यह चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
थराली बाजार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों से चेपड़ो गांव के समीप पिंडर नदी में रिवर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते दिन भर उपखनिज ढोने के लिए पूरे दिन डंपरों की आवाजाही बनें रहने के कारण थराली बाजार में यात्रा व्यवस्था पूरी तरह से चर्माराकर रह गई हैं।कई बार एक साथ पांच से छह भारी वाहन मुख्य पुल से बिना रोक-टोक के गुजरते देखें जा सकतें जिससे दशकों पूर्व बनें पुल एवं 2013 में बूरी तरह से क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर भी अस्तित्व का खतरा उत्पन्न हो गया हैं। थराली के व्यापारियों का आरोप है कि डंपरों से उड़ने वाली धूल के कारण फल, सब्जियां, खाद्य पदार्थों,कपड़े और अन्य खाद्य सामग्री प्रभावित हो रही है। बाजार में खरीदारी के लिए आने जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार डंपरों की लगातार आवाजी के कारण राहगीरों को पैदल चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। प्रत्येक क्षण थराली बाजार में किसी अनहोनी का खतरा बना रहता हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस ,प्रशासन से पत्राचार व शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि भारी वाहनों के लिए समय निर्धारित किया जाए, एक साथ कई डंपरों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगे तथा पुल की तकनीकी जांच कराई जाए,ताकि पूराना हों चुके पुल की भार क्षमता का आंकलन किया जा सके और पुल पर लंबे समय तक सुरक्षित आवाजाही हों सकें।कही ऐसा ना हो कि रिवर ड्रेजिंग के उपखनन को ढोने के चलते पुल को क्षति ना पहुंच जाएं और मजबूरन पुल को अवाजाही के लिए रोक दिया जाएं,देखना होगा कि पुलिस ,प्रशासन थराली में लगने वाले बेतहाशा जाम से व्यापारियों एवं आम आदमी को होने वाली समस्या से कैसे निजता दिलाते हैं और लोक निर्माण विभाग वर्षों पुराने मोटर पुल को सुरक्षित रखने के लिए क्या उपाय करता है यह सब देखने वाली बात है।
——
पिछले करीब दो माह से चेपड़ो में पिंडर नदी में किए जा रहे रिवर ड्रेजिंग के चलते थराली बाजार में तो जाम लग ही रहा हैं, इसके अलावा देवाल तिराहे से लेकर आएं दिन चेपड़ो बाजार क्षेत्र तक जगह-जगह जाम लगने के कारण आम जनता एवं अन्य वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
—–
थराली -देवाल-वांण मोटर सड़क पर थराली बाजार में पिंडर नदी के ऊपर बने मोटर पुल एवं इसी सड़क पर राड़ीबगड़ के पास सुयूनगाड़ गद्देरे पर बने पुल में क्षमता से अधिक लोड़ वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए स्थानीय पुलिस,प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा ताकि पुलों को लंबे समय तक आवागमन के लिए सुरक्षित रखा जा सके।











