• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

कुशल वैज्ञानिक एवं आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा थे डॉ. भाभा

30/10/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
9
SHARES
11
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
भारत की स्वतंत्रता के बाद से ही भारत के वैज्ञानिकों ने कई ऐसे कार्यों को पूर्ण करना शुरू कर दिया था जिससे भारत एक विकाशसील देश की श्रेणी में शामिल हो सके, उसी दौरान भारत को आंतरिक और बाहरी हमलों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उस दौर के एक महान वैज्ञानिक ने परमाणु ऊर्जा की कल्पना करते हुए 1965 में ऑल इंडिया रेडियो से घोषणा कर दी की कि यदि “मुझे छूट दी जाए, तो भारत 18 महीने के अंदर परमाणु बम बना सकता है। भारत के महान परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई के एक समृद्ध पारसी परिवार में हुआ था। उन्हें भारत के परमाणु उर्जा कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उन्होंने देश के परमाणु कार्यक्रम के भावी स्वरूप की मजबूत नींव रखी जिसके चलते भारत आज विश्व के प्रमुख परमाणु संपन्न देशों की कतार में खड़ा है। उन्होंने जेआरडी टाटा की मदद से मुंबई में ‘टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च’ की स्थापना की और वर्ष 1945 में इसके निदेशक बने। देश के आजाद होने के बाद उन्होंने दुनिया भर में रह रहे भारतीय वैज्ञानिकों से भारत लौटने की अपील की थी। वर्ष 1948 में डॉक्टर भाभा ने भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना की और अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।होमी जहांगीर भाभा ‘शांतिपूर्ण कार्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग’ के हिमायती थे। 60 के दशक में विकसित देशों का तर्क था कि परमाणु ऊर्जा संपन्न होने से पहले विकासशील देशों को दूसरे पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर भाभा ने इसका जोरदार खंडन किया और वह विकास कार्यों में परमाणु ऊर्जा के प्रयोग की वकालत करते थे।
बहुमुखी प्रतिभा संपन्न डॉक्टर भाभा को नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन भारत का लियोनार्दो द विंची बुलाते थे। भाभा न सिर्फ महान वैज्ञानिक थे बल्कि वह शास्त्रीय, संगीत, नृत्य और चित्रकला में गहरी रूचि रखते थे और इन कलाओं के अच्छे जानकार भी थे। डॉक्टर भाभा को 5 बार भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया परन्तु विज्ञान की दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान इस महान वैज्ञानिक को मिल नहीं पाया। उन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण के अवॉर्ड से जरूर नवाजा।अक्टूबर 1965 में भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो से घोषणा की थी कि अगर उन्हें छूट मिले तो भारत 18 महीनों में परमाणु बम बनाकर दिखा सकता है। वह मानते थे कि ऊर्जा, कृषि और मेडिसिन जैसे क्षेत्रों के लिए शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम शुरू होने चाहिए। उन्होंने पंडित नेहरू को परमाणु आयोग की स्थापना के लिए राजी किया था।भाभा 1950 से 1966 तक परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष थे तब वह भारत सरकार के सचिव भी हुआ करते थे। कहते हैं कि सादगी पसंद भाभा कभी भी अपने चपरासी को अपना ब्रीफकेस उठाने नहीं देते थे। भारत सरकार ने इस महान वैज्ञानिक के योगदान को देखते हुए भारतीय परमाणु रिसर्च सेंटर का नाम भाभा परमाणु रिसर्च संस्थान रखा। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर भाभा को कई पुरस्कार एवं उपाधियां प्राप्त हुई। भारतीय केंद्रीय मंत्रिमंडल के वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। उनके निर्देशन में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान का निर्माण हुआ तथा तिरुवंतपुरम के निकट भूमध्य राकेट प्रक्षेपण केंद्र स्थापित हुआ। डॉ भाभा को अमेरिका इंग्लैंड एवं भारत की अनेक संस्थाओं द्वारा पुरस्कार दिया गया। उन्हें ‘अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट एंड साइंस’ की सदस्यता मिली। 1948 में उन्हें रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन की, 1957 में रॉयल सोसायटी आफ एडिनबर्ग की, 1959 में अमेरिकन नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की मानद सदस्यता मिली। उनका मानना था कि सिर्फ विज्ञान ही भारत देश को उन्नति की राह पर आगे बढ़ा सकता है। भारत देश को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने वाले इस महान वैज्ञानिक का 24 फरवरी 1966 को, बंबई से जेनेवा जाते समय एक विमान दुर्घटना में देहांत हो गया।व्यवहार में मानवीयता और उदार विचारधारा रखने वाले डॉ. होमी जहांगीर भाभा को उच्च पद को कोई लालच नहीं था इसलिए जब उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया तो उन्होंने नम्रतापूर्वक इंकार कर दिया क्योंकि उनका केवल एक ही लक्ष्य था – ‘वैज्ञानिक प्रगति के ज़रिये भारत की उन्नति’ और उन्होंने अपनी ईमानदारी और कड़ी मेहनत से अपने इस महान सपने को साकार रूप दे ही दिया और भारत 1974 में पूर्ण परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बन गया।उन्होंने देश के परमाणु कार्यक्रम के भावी स्वरूप की मजबूत नींव रखी जिसके चलते भारत आज विश्व के प्रमुख परमाणु संपन्न देशों की कतार में खड़ा है। 1943 में एडम्स पुरस्कार तथा कॉस्मिक किरणों पर उनके कार्यों के लिए कैम्ब्रिज फिलॉसॉफिकल सोसाइटी ने 1948 में उन्हें हॉपकिन्स पुरस्कार से सम्मानित किया। अनेक विश्व विद्यालयों ने भाभा को डॉक्टर ऑफ सांइस जैसी उपाधियों से विभूषित किया। भारत सरकार ने सन् 1954 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया था। होमी भाभा की तीन पुस्तकें क्वांम्टम थ्योरी, एलिमेंट्री फिज़िकल पार्टिकल्स एवं कॉस्मिक रेडिएशन बहुत चर्चित हैं। शास्त्रीय संगीत, मूर्तिकला तथा नृत्य आदि क्षेत्रों के विषयों पर भी उनकी अच्छी पकङ़ थी। वे आधुनिक चित्रकारों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके चित्रों को खरीदकर ट्रॉम्बे स्थित संस्थान में सजाते थे। संगीत कार्यक्रमों में सदैव हिस्सा लेते थे और कला के दूसरे पक्ष पर भी पूरे अधिकार से बोलते थे, जितना कि विज्ञान पर। उनका मानना था कि सिर्फ विज्ञान ही देश को उन्नती के पथ पर ले जा सकता है। *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं*

Share4SendTweet2
Previous Post

जखिया एक लोकप्रिय पहाड़ी मसाला

Next Post

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र आयोजित करेगा उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस पर विविध कार्यक्रम

Related Posts

उत्तराखंड

डोईवाला: बाजावाला में सुसवा नदी से दिनदहाड़े अवैध खनन

June 2, 2026
31
उत्तराखंड

भानियावाला शराब ठेके पर ओवररेटिंग का खेल जारी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल.

June 2, 2026
39
उत्तराखंड

चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र हो ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद‘ – मुख्यमंत्री

June 2, 2026
6
उत्तराखंड

उत्तराखंड में बुग्यालों के लिए खतरा बनते जा रहे ट्रेकर्स

June 2, 2026
7
उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा में चलने वाले घोड़े-खच्चर की लीद पर घमासान

June 2, 2026
8
उत्तराखंड

जनपद चमोली के तपोवन में भू-तापीय ऊर्जा (Geo Thermal Energy) परियोजना के विकास हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन

June 2, 2026
123

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67692 shares
    Share 27077 Tweet 16923
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45780 shares
    Share 18312 Tweet 11445
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38058 shares
    Share 15223 Tweet 9515
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37446 shares
    Share 14978 Tweet 9362
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37331 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

डोईवाला: बाजावाला में सुसवा नदी से दिनदहाड़े अवैध खनन

June 2, 2026

भानियावाला शराब ठेके पर ओवररेटिंग का खेल जारी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल.

June 2, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.