डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। ऊर्जा निगम की ओर से माजरी ग्रांट में जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का अखिल भारतीय किसान सभा और ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मर्जी के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने चाहिए। शनिवार को माजरी ग्रांट स्थित हरिजन बस्ती में ग्रामीणों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने इसका विरोध किया। सूचना पर ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता रामपाल सिंह और कनिष्ठ अभियंता अंकित जुयाल मौके पर पहुंचे तथा स्थानीय लोगों से वार्ता की। किसान सभा के मंडल सचिव याकूब अली ने कहा कि जब पहले से डिजिटल मीटर लगे हुए हैं, तो स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता नहीं है। विभाग जबरन स्मार्ट मीटर लगाकर गरीब जनता को परेशान कर रहा है। मंडल उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम और मंडल संयुक्त सचिव अनूप कुमार पाल ने कहा कि किसी भी स्थिति में ग्रामीणों पर स्मार्ट मीटर नहीं थोपे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने भी बिना उपभोक्ता की सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताई है, फिर गरीब लोगों पर यह दबाव क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग स्मार्ट मीटर लगाने के लिए सबसे पहले गरीब बस्तियों को चुन रहा है ताकि कोई इसका विरोध ना कर सके। किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता करते हुए मांग की कि सरकार और प्रशासन से इस संबंध में बातचीत होने तक माजरी ग्रांट सहित किसी भी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई रोकी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए गए तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष सरजीत सिंह, सुशील कुमार, सत्यपाल, गंगा दास, सुमन कुमारी, उमा देवी, मंगल सिंह, सुभाष कुमार, विजय कुमार, मंजीत कुमार, धीरज कुमार, पूनम देवी, प्रमिला देवी, अंकिता देवी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।











