• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

पहाड़ के गांधी इन्द्रमणि बडोनी

24/12/20
in उत्तराखंड, टिहरी
Reading Time: 1min read
279
SHARES
349
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी, ये वो नाम है जो उत्तराखंड की आत्मा में बसा है। आज अगर आप उत्तराखंड में एक अलग राज्य की हवा को महसूस कर रहे हैं तो ये इस तूफान की वजह से हो सका। 1994 का उत्तराखंड आन्दोलन, इसके सूत्रधार थे इंद्रमणि बडोनी। स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी 24 दिसम्बर 1924 को टिहरी के ओखड़ी गांव में जन्मे बडोनी मूलतः एक संस्कृति कर्मी थे। 1956 की गणतंत्र दिवस परेड को कौन भूल सकता है, 1956 में राजपथ पर गणतंत्र दिवस के मौके पर इन्द्रमणि बडोनी ने हिंदाव के लोक कलाकार शिवजनी ढुंग, गिराज ढुंग के नेतृत्व में केदार नृत्य का ऐसा समा बांधा की तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु भी उनके साथ थिरक उठे थे।
सुरेशानंद बडोनी के पुत्र इन्द्रमणि बडोनी की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए वह नैनीताल और देहरादून रहे। इसके बाद नौकरी के लिए बंबई गये जहाँ से वह स्वास्थ्य कारणों से वापस अपने गांव लौट आये। उनका विवाह 19 साल की उम्र में सुरजी देवी से हुआ था, 1961 में वो गाँव के प्रधान बने। इसके बाद जखोली विकास खंड के प्रमुख बने। बाद में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा में तीन बार देवप्रयाग विधानसाभ सीट से जीतकर प्रतिनिधित्व किया। 1977 का चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा और जीता भी। 1980 में उन्होंने उत्तराखंड क्रांति दल का हाथ थामा और जीवन भर उसके एक्टिव सदस्य रहे। उत्तर प्रदेश में बनारसी दास गुप्त के मुख्यमंत्रित्व काल में वे पर्वतीय विकास परिषद के उपाध्यक्ष रहे। बडोनी ने 1989 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा। यह चुनाव बडोनी दस हजार वोटो से हार गये, कहते हैं कि पर्चा भरते समय बडोनी की जेब में मात्र एक रुपया था, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ब्रह्मदत्त ने लाखों रुपया खर्च किया। 1988 में उत्तराखंड क्रांतिदल के बैनर तले बडोनी ने 105 दिन की पदयात्रा की। यह पदपात्रा पिथौरागढ़ के तवाघाट से देहरादून तक चली। उन्होंने गांव के घर-घर जाकर लोगों को अलग राज्य के फायदे बताये। 1992 में उन्होंने बागेश्वर में मकर संक्रांति के दिन उत्तराखंड की राजधानी गैरसैण घोषित कर दी। स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनीए ये वो नाम है जो उत्तराखंड की आत्मा में बसा है। आज अगर आप उत्तराखंड में एक अलग राज्य की हवा को महसूस कर रहे हैं तो ये इस तूफान की वजह से हो सका। 1994 का उत्तराखंड आन्दोलन, इसके सूत्रधार थे इंद्रमणि बडोनी। जुबान के पक्के, मजबूत इरादों वाले और सत्ता को हिलाकर रख देने वाले इस शख्स को आज नमन करें। बीबीसी ने उत्तराखंड आन्दोलन पर अपनी एक रिपोर्ट छापी जिसमें उसने लिखा अगर आपने जीवित और चलते फिरते गांधी को देखना है तो आप उत्तराखंड चले जायें। वहां गांधी आज भी विराट जनांदोलनों का नेतृत्व कर रहा है। इस व्यक्ति का नाम था इन्द्रमणि बडोनी।
उत्तराखंड राज्य की मांग करने वाले लोगों में सबसे प्रमुख और बड़ा नाम है इन्द्रमणि बडोनी उत्तराखंड राज्य आंदोलन जो अहिंसक व गांधीवादी तरीके से चला, जिसकी अगुवाही गांधीवादी विचारक व जिन्हें पहाड़ का गांघी कहा गया स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के नेतृत्व में आगे बढ़ा। वही उक्रांद के स्थापना के बाद सन 1980 विधान सभा चुनाव में दल के प्रथम विधायक स्वर्गीय जसवंत सिंह बिष्ट रानीखेत विधान सभा सीट से जीतकर उत्तर प्रदेश की विधान सभा मे पहुँचे। ऋषिकेश उत्तराखंड राज्य आंदोलन की धुरी रहा है। यहां से व्यापक आंदोलनों की रणनीति तैयार की जाती थी, जिनका नेतृत्व स्वण् इंद्रमणि बडोनी किया करते थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव का दिन है। स्वर्गीय बडोनी जी की याद को चिरस्मरणीय बनाने के लिए जन भावनाओं के अनुरूप उक्त चौक का नाम बडोनी जी के नाम से रखा गया है। एक जनहित याचिका के बाद एन एच की कारवाई में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हरिद्वार रोड़ पर धवस्त हुए शहीद स्मारक को नगर निगम के स्व इंद्रमणि बडोनी सभागार में शिफ्ट कराने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तराखंड राज्य प्राप्ति के दौरान पर्वतीय गांधी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है, आज स्वर्गीय बडोनी के बताये हुए मार्ग पर चलने के लिए सभी को कार्य करना होगा। तभी सिद्ध होगी जब हम उनकी भावनाओं के अनुरूप क्षेत्र के विकास के लिए संगठित होकर कार्य करेंगे।

Share112SendTweet70
Previous Post

विधायक महेश नेगी की मुश्किलें बढ़ी, देने होगा रक्त सैंपल

Next Post

पुलिस सेवा में महिला पुलिसिंग, आगे का रास्ता

Related Posts

उत्तराखंड

हरिपुर कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण

September 17, 2026
4
उत्तराखंड

यूजेवीएन लिमिटेड की प्रदेश भर की विद्युत परियोजनाओं और कार्यालयों में भगवान विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई

September 17, 2026
4
उत्तराखंड

सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है उत्तराखंड का प्रसिद्ध नंदा देवी मेला

September 17, 2026
3
उत्तराखंड

पंत नौला आज भी उपेक्षित है

September 17, 2026
4
उत्तराखंड

_स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तराखंड के दो शहरों की सेहत क्यों हुई खराब?

September 17, 2026
3
उत्तराखंड

डोईवाला: शेरगढ़ में गुलदार की आमद से ग्रामीणों में दहशत

September 17, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67740 shares
    Share 27096 Tweet 16935
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38078 shares
    Share 15231 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37458 shares
    Share 14983 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

हरिपुर कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण

September 17, 2026

यूजेवीएन लिमिटेड की प्रदेश भर की विद्युत परियोजनाओं और कार्यालयों में भगवान विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई

September 17, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.