• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

नोबल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी का उत्तराखंड कनेक्शन

19/10/19
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
109
SHARES
136
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला दून विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखंड
कोलकाता में 21 फरवरी 1961 को अभिजीत का जन्म हुआ था। अभिजीत विनायक बनर्जी को बचपन से ही गरीबी परेशान करती थी। वे अपने अर्थशास्त्री पिता डा. दीपक बनर्जी और अर्थशास्त्री डा. निर्मला नोबेल फाउंडेशन द्वारा साल 2019 के लिए कुल 15 लोगों को अलग.अलग क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार दिया गया है। वर्तमान में अभिजीत बनर्जी मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में प्रोफेसर हैं। वहां वे स्टूडेंट्स को अर्थशास्त्र पढ़ाते हैं। अगर उनकी शिक्षा की बात करें तो 1981 में बीएससी की डिग्री कोलकाता यूनिवर्सिटी से लेने के बाद उन्होंने 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए की पढाई संपन्न की। उसके बाद अभिजीत बनर्जी ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी की। वह और उनकी पत्नी डफ्लो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के सह.संस्थापक भी हैं। अभिजीत को किताबें पढ़ने व लिखने का बेहद शौक है। उन्होंने अर्थशास्त्र पर कई किताबें लिखी हैं। अभिजीत ने पूअर इकोनॉमिक्सः ए रेडिकल रीथीकिंग ऑफ द वे टू फाइट ग्लोबल पॉवर्टी नामक पुस्तक 2011 में लिखी थी, जसके कारण वे चर्चा में आए और उन्हें प्रसिद्धि हासिल हुई। बता दें कि वोलाटिलिटी एंड ग्रोथ के नाम से सन् 2005 में इनकी पहली किताब मार्केट में आई। उसके बाद उन्होंने कुल सात किताबें और लिखी हैं। इन सभी शख्सियतों को 10 दिसंबर को होने वाले समारोह में मेडल व पुरस्कार राशि से नवाजा जाएगा।
अभिजीत बनर्जी की, जिन्हें अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी के साथ उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को भी उस पुररस्कार से नवाजा जाएगा। बता दें कि ये पुररस्कार उनके द्वारा किए गए शोध वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग के लिए दिया जाएगा। देहरादून के विवेकानंद स्कूल जोगीवाला के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं गौरी मजूमदार कलकत्ता की गौरी मजूमदार ने वहां के साउथ पॉइंट स्कूल में इस साल अर्थशास्त्र के नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी को तब पढ़ाया था जब वे छोटे थे। एक इत्तफाक यह था कि वे अभिजीत बनर्जी की माँ की क्लासफैलो भी थीं। दूसरा इत्तफाक यह भी था कि गौरी मजूमदार के पति तापस मजूमदार भी अभिजीत बनर्जी भी जेएनयू में अभिजीत बनर्जी के प्रोफ़ेसर रहे थे। वर्ष 2015 में अभिजीत बनर्जी ने विवेकानंद स्कूल के दो छात्रों आर्यन थापा और अमन डबराल की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि अभिजीत बनर्जी के युवा बेटे कबीर की असामयिक मृत्यु हो गयी थी जिसकी स्मृति में एक संस्था गठित की थी, जो निर्धन विद्यार्थियों की सहायता करती रही है। अभिजीत बनर्जी आर्यन थापा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा मैं उन्हें दिल से धन्यवाद कहता हूं कि उन्होंने हमें अपने स्कूल में पढ़ने के लिए नई राह दिखाई। साथ ही मैं उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलने पर बधाई भी देता हूं। अमन डबराल ने अभिजीत बनर्जी को याद करते करते हुए कहा मैं वर्ष 2015 में उनसे इसी स्कूल में मिला था। जिस तरह वे हमारी हमेशा सहायता करते रहे हैं, उसके मैं हमेशा उनका ऋणी रहूँगा। ज्ञातव्य है कि अभिजीत बनर्जी को इस साल का पुरस्कार देते हुए नोबल समिति ने कहा था. प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी का शोध विश्व स्तर पर गरीबी का निवारण करने की कोशिशों को मजबूत आधार देता है। पिछले दो दशकों में उनकी सोच, उनके नज़रिये ने विकास के अर्थशास्त्र को पूरी तरह से बदल दिया है। दुनिया में सत्तर करोड़ गरीब हैं। उनके अनुसन्धान एक्सपेरिमेंटल एप्रोच टु एलीवेटिंग ग्लोबल पावर्टी से समाधान के क्रियात्मक रास्ते खुले हैं। उनकी किताब पुअर इकोनॉमिक्स सिद्धांत, नीति, व्यवहार की कसौटी पर खरी उतरती है। जिसके 17 भाषाओँ में अनुवाद हो चुके हैं।
स्रोत-समाचार एजेंसी एएनआई

Share44SendTweet27
Previous Post

सेमल एक फायदे अनेक

Next Post

मोबाइल शोरुम में पौड़ी की रहने वाली युवती की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

Related Posts

उत्तराखंड

छात्रसंघ चुनाव में यूएसएफ का दमदार आगाज, एबीवीपी के वर्चस्व का अंत

September 29, 2026
210
उत्तराखंड

एनएसयूआई के हाथ फिर रहे खाली, 13 मतों से महासचिव पद से चूके आयुष

September 29, 2026
42
उत्तराखंड

डोईवाला: आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव में 70 फीसदी के करीब मतदान

September 29, 2026
20
उत्तराखंड

डोईवाला महाविद्यालय में यूएसएफ के मोहित ममगाई हुए विजय, एबीवीपी को किया परस्त

September 29, 2026
98
उत्तराखंड

प्रो. खड़क सिंह वल्दिया, धरती के रहस्यों को खोलने वाले महान भू-वैज्ञानिक

September 29, 2026
20
उत्तराखंड

तलवाड़ी महाविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष कल्पना, उपाध्यक्ष मोहित सिंह, सहसचिव अंजलि तथा कोषाध्यक्ष साक्षी गड़िया निर्विरोध निर्वाचित

September 29, 2026
8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67749 shares
    Share 27100 Tweet 16937
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38079 shares
    Share 15232 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37458 shares
    Share 14983 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

छात्रसंघ चुनाव में यूएसएफ का दमदार आगाज, एबीवीपी के वर्चस्व का अंत

September 29, 2026

एनएसयूआई के हाथ फिर रहे खाली, 13 मतों से महासचिव पद से चूके आयुष

September 29, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.