• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होंगे एनएसए अजीत डोभाल

21/07/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
8
SHARES
10
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्ताराखंड के मूल निवासी व आईबी के पूर्व डायरेक्टर अजीत डोभाल को देश के पांचवें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त कर कहीं न कहीं उत्ताराखंड को प्रतिनिधित्व दिया गया है। 1968 बैच के डोभाल केरल काडर के हैं। डोभाल वीरता पदकों की श्रेणी में अहम माने जाने वाले कीर्ति चक्र से पुरस्कृत होने वाले पहले पुलिस अधिकारी हैं। अमूमन यह पदक सेना के जवान व अधिकारियों को दिया जाता है। उनकी कार्यक्षमता का पता इस बात से भी लगाया जा सकता है  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा प्रत्येक वर्ष उन विशिष्ट हस्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने भारत के विकास और वैश्विक स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। इस वर्ष ट्रस्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में डोभाल की असाधारण सेवाओं को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना है। लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी। तब से लेकर अब तक यह सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग, अर्थशास्त्र, विज्ञान सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों के अनुभव और उपलब्धियों को समाज तथा नई पीढ़ी के सामने लाना है, ताकि उनसे प्रेरणा ली जा सके। डॉ. रोहित तिलक ने बताया कि इस वर्ष जब ट्रस्ट के सभी सदस्य पुरस्कार के लिए नाम पर विचार-विमर्श कर रहे थे, तब सर्वसम्मति से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम सामने आया। उन्होंने कहा कि डोभाल ने अपने पूरे करियर में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया है। बहुत कम उम्र में उन्होंंने खुफिया तंत्र में अपनी सेवाएं शुरू कीं और कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में योगदान देने वाले किसी व्यक्ति को अब तक यह सम्मान नहीं मिला था, इसलिए इस बार ट्रस्ट ने डोभाल को सम्मानित करने का निर्णय लिया। रोहित तिलक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में अजीत डोभाल की भूमिका कई महत्वपूर्ण अभियानों में बेहद अहम रही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे अभियानों में उनकी विशेष भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और रणनीतिक निर्णयों में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रस्ट को इस बात की खुशी है कि अजीत डोभाल ने इस सम्मान को स्वीकार कर लिया है। उन्‍होंने बताया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह एक अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है।अजित डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। डोभाल भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। इसके अलावा, डोकलाम गतिरोध को समाप्त कराने में कूटनीतिक प्रयासों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। लोकमान्य तिलक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में की गई थी। यह पुरस्कार सबसे पहले समाजवादी नेता एस. एम. जोशी को प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब सवाल यह है कि इस विकसित भारत का नेतृत्व कौन करेगा और वे कितने सक्षम होंगे। किसी भी नेता की सबसे बड़ी ताकत यही होती है कि वह सही समय पर सही निर्णय ले और उन्हें पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ लागू करे। इसलिए अगर कोई व्यक्ति विकसित भारत का लीडर बनना चाहता है, चाहे वह साइंस, टेक्नोलॉजी या सिक्योरिटी के क्षेत्र में हो, उसे अब से ही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। डोभाल ने भारत के नेताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में देश की तेज प्रगति में नेतृत्व की मजबूत प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और समर्पण बहुत अहम रहे हैं। यही कारण है कि भारत आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। अजीत डोभाल ने कहा कि आप अपनी इच्छाशक्ति बढ़ा सकते हैं। और यही इच्छाशक्ति धीरे-धीरे एक देश की राष्ट्रीय शक्ति बन जाती है। उन्होंने समझाया कि युद्ध इसलिए नहीं लड़े जाते कि दुश्मन के शव या कटे हुए अंग देखकर हमें संतोष मिले। ऐसा सोचने वाले लोग मनोवैज्ञानिक रूप से अस्वस्थ होते हैं। असली कारण यह है कि युद्ध किसी देश का मनोबल तोड़ने के लिए लड़े जाते हैं। जब मनोबल टूट जाता है, तो वह देश हमारी शर्तों को मानने के लिए तैयार हो जाता है और हम अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया में कई युद्ध और संघर्ष हो रहे हैं। कुछ देश अपनी इच्छाशक्ति दूसरों पर थोपने के लिए बल का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर कोई देश इतना शक्तिशाली है कि कोई उसका विरोध नहीं कर सकता, तो वह हमेशा स्वतंत्र रहेगा। लेकिन अगर आपके पास सभी संसाधन और हथियार हैं लेकिन मनोबल नहीं है, तो वे सब बेकार हो जाएंगे। इसलिए देश को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत होती है।  हमारे देश में ऐसा नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में इस नेतृत्व ने देश को बहुत आगे बढ़ाया है। देश पहले जिस स्थिति में था, अब वह कहीं ज्यादा मजबूत और विकसित दिशा में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नेतृत्व की कड़ी मेहनत, पूरी निष्ठा और मजबूत प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।जो भारत को केवल आध्यात्मिक महाशक्ति ही नहीं, बल्कि नैतिक महाशक्ति के रूप में भी स्थापित करेगा।।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

Share3SendTweet2
Previous Post

अमेरिकी उत्पाद क्विन्वा भारत में पॉपुलर हो रहा है

Next Post

मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ, युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

August 11, 2026
8
उत्तराखंड

उत्तराखंड में ग्लेशियर तबाही ला सकते हैं !

August 11, 2026
7
उत्तराखंड

*पहाड़ की नियति आज भी कंधों पर ‘जिंदगी’

August 11, 2026
4
उत्तराखंड

तमक गधेरे में वैली ब्रिज बहने के बाद बाधित हुई वाहनों की आवाजाही को जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के त्वरित प्रयासों से सुचारु कर दिया

August 11, 2026
7
उत्तराखंड

डोईवाला : सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, 12 चालान काटे

August 11, 2026
29
उत्तराखंड

डोईवाला: नगर कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त पदाधिकारियों को बांटे नियुक्ति पत्र

August 11, 2026
29

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67721 shares
    Share 27088 Tweet 16930
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45789 shares
    Share 18316 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38074 shares
    Share 15230 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37455 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37374 shares
    Share 14950 Tweet 9344

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ, युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

August 11, 2026

उत्तराखंड में ग्लेशियर तबाही ला सकते हैं !

August 11, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.