• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

वीरान हैं विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली

18/01/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
11
SHARES
14
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

 

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली में इस वर्ष भी शीतकालीन खेलों पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। कारण है शीतकाल में अब तक नाममात्र की बर्फबारी नहीं हुई, जिससे औली की ढलानें वीरान पड़ी हैं और दूर-दूर तक बर्फ नजर नहीं आ रही। मौसम विभाग इसकी वजह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ को बता रहा है।मौसम में आए इस परिवर्तन से पर्यटक भी निराश हैं। उन्हें बर्फ का दीदार करने के लिए औली से चार किमी दूर गौरसों की दौड़ लगानी पड़ रही है। आगामी दिनों में अच्छी बर्फबारी नहीं हुई तो यहां स्कीइंग प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव नहीं हो पाएगा। हिमक्रीड़ा स्थली औली में आधुनिक साहसिक क्रियाकलापों के लिए लगाए गए यूरोपीय उपकरणों, करोड़ों की लागतों से आयातित विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर, 15 सालों से बदहाल आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम की जमीनी हकीकत और 5 करोड़ फूंकने के बाद भी वीरान पड़ी औली ओपन आइस स्केटिंग रिंक की बदहाल हालतों को दिखाने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है. उत्तराखंड में खूबसूरत वादियों के बीच स्थित विंटर डेस्टिनेशन औली की पहचान लौटाने के लिए’औली बचाओ’ आंदोलन शुरू हो गया है. स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटन कारोबारियों ने एकजुट होकर औली की दिशा और दशा सुधारने के लिए ‘औली बचाओ’ मुहिम की शुरुआत की है. वहीं, स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने ‘औली बचाओ’ रैली निकाल कर अपने गुस्से का इजहार किया. साथ ही बदहाल व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी भी की. प्रसिद्व हिमक्रीड़ा स्थली औली में कृतिम बर्फ जमाने के लिए लगाए गए उपकरणों दुर्दशा को लेकर उक्रांद ने चमोली के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। डक्रांद के केंद्रीय महामंत्री ने कहा कि वर्ष 2011 में ज्योतिर्मठ के पर्यटन स्थल औली में राज्य सरकार की ओर से कृत्रिम बर्फ बनाने के लिए दुनिया की सबसे ऊंची कृत्रिम झील के साथ 20 स्थाई और चार मोबाइल स्नोगन 6.50 करोड़ की अनुमानित लागत के उपकरण लगाए गए थे, किंतु मौजूद समय में सभी निष्क्रीय पड़े हुए है।  औली के दक्षिणमुखी ढलान देश दुनिया के स्कीयरों की पहली पसंद रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2010 में फिस ने औली के 1300 मीटर लंबे ढलान को इंटरनेशनल मानकों के आधार पर मान्यता दी थी। यहां पर चेयरलिफ्ट समेत अन्य सभी सुविधाएं मौजूद हैं। औली के अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग स्लोप में स्नोगन के माध्यम से मशीन आसानी से कृत्रिम बर्फ जितना चाहो बिछा सकती थी, लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि मशीन 2011 में टेस्टिंग के बाद दुबारा नहीं चलाई गई। इस मशीन की देखरेख का जिम्मा गढ़वाल मंडल विकास निगम के पास है। गढ़वाल मंडल विकास निगम पूर्व में निरन्तर रूप से मशीनों के रख-रखाव के पर्यटन विभाग से धनराशि लेता रहा है परंतु इनकी ओर से सम्पूर्ण धनराशि का दुरुपयोग करते हुए मशीनों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया जो अपने आप में एक बड़े भ्रष्टाचार को दर्शाता है। औली के इस विश्व विख्यात स्थल से ज्योतिर्मठ ब्लॉक के लगभग 50 से अधिक गांवों का रोजगार जुड़ा है, लेकिन गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आज सभी के रोजगार पर संकट गहरा गया है और करोड़ों की मशीने जंक खा रही है।  विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थल औली अब केवल साहसिक खेलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आध्यात्मिक पहचान के लिए भी जाना जाएगा। औली स्थित ‘श्री हनुमान मंदिर संजीवनी शिखर’ को आधिकारिक रूप से धार्मिक पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की दिशा में पहल तेज हो गई थी । हिमालयी क्षेत्रों में क्लाइमेट चेंज के कारण बर्फबारी के पैटर्न में आए बदलाव का असर उत्तराखंड की विंटर डेस्टिनेशन औली में साफ नजर आ रहा है. बिना बारिश और बर्फबारी के कारण हिम क्रीड़ा स्थल औली समेत गोरसों बुग्याल पूरी तरह सूखा नजर आ रहा है. हालांकि, आज एक बार फिर से क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता देखी जा रही है.आसमान में बादलों की चहल कदमी से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है. बावजूद इसके औली से गोरसों तक के पैदल रूट पर फिलहाल बुग्यालों में जबरदस्त धूल मिट्टी के गुबार उड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे हॉर्स राइडिंग का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों और पैदल डे हाइकिंग करने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पूरा शीतकालीन पर्यटन स्थल औली इन दिनों सूखा डेजर्ट नजर आ रहा है. इन दिनों सहारा मरुस्थल की तरह नजर आ रहा है. जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में औली की मेजबानी में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों का आयोजन होना है. औली की ढलानों पर डेढ़ दशक पूर्व लगाए गए विदेशी आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम पर जंग लगने के कारण अब ये बर्फानी खेल एक बार फिर से पूरी तरह प्राकृतिक बर्फबारी पर निर्भर हो गए हैं. हालांकि क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों समेत शीतकालीन खेलों के आयोजकों को अभी भी उम्मीद है कि जनवरी माह की में ही अच्छी बर्फबारी होगी और विंटर डेस्टिनेशन औली बर्फबारी के बाद फिर से गुलजार हो सकेगी. हमेशा जनवरी-फरवरी और मार्च महीने में ही बर्फबारी होती है. उन्हीं महीनों में विंटर गेम्स किए जाते हैं. अभी यह कहना कि बर्फबारी नहीं है, यह जल्दबाजी होगा. बात केवल औली की नहीं है, पूरे हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होनी है, और हर साल होती है. सिर्फ औली ही नहीं, बल्कि खेलो इंडिया के तहत जम्मू कश्मीर में भी इसी तरह से बर्फबारी का इंतजार किया जा रहा है. वहां पर भी इसी तरह की स्थिति है. यही वजह है कि विंटर गेम्स की तिथि जनवरी-फरवरी मार्च में रखी जाती है. और बात जहां तक औली की है तो पिछले कई दशकों से विंटर गेम्स, औली का एक बड़ा ‘त्यौहार’ बन गया है. जिसे जोशीमठ के लोग हर साल बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. सभी लोगों को उम्मीद है कि हर साल की तरह इस साल भी नेशनल विंटर गेम्स के कारण औली और जोशीमठ फिर से गुलजार होगा. एक बार फिर देश-विदेश के एथलीट औली में नजर आएंगे. हमेशा जनवरी-फरवरी और मार्च महीने में ही बर्फबारी होती है. उन्हीं महीनों में विंटर गेम्स किए जाते हैं. अभी यह कहना कि बर्फबारी नहीं है, यह जल्दबाजी होगा. बात केवल औली की नहीं है, पूरे हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होनी है, और हर साल होती है. सिर्फ औली ही नहीं, बल्कि खेलो इंडिया के तहत जम्मू कश्मीर में भी इसी तरह से बर्फबारी का इंतजार किया जा रहा है. वहां पर भी इसी तरह की स्थिति है. यही वजह है कि विंटर गेम्स की तिथि जनवरी-फरवरी मार्च में रखी जाती है. और बात जहां तक औली की है तो पिछले कई दशकों से विंटर गेम्स, औली का एक बड़ा ‘त्यौहार’ बन गया है. जिसे जोशीमठ के लोग हर साल बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. सभी लोगों को उम्मीद हैविश्व प्रसिद्ध चमोली जिले में स्थित हिमक्रीड़ा केंद्र औली इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। शीतकाल में बर्फबारी और बारिश में भारी कमी के कारण वहां अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है। लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Share4SendTweet3
Previous Post

बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राएं

Next Post

कोटद्वार प्रेस क्लब नई कार्यकारिणी में अजय खंतवाल अध्यक्ष व सचिव पद पर दिनेश पाल सिंह गुसाईं को सर्वसम्मति से चुना गया

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया

April 13, 2026
3
उत्तराखंड

वाणिज्य परिषद के तत्वाधान में विभिन्न परिषदीय कार्यकर्मों का आयोजन

April 13, 2026
6
उत्तराखंड

लच्छीवाला नेचर पार्क में जल संरक्षण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित

April 13, 2026
21
उत्तराखंड

आस्था और पर्यावरण दोनों संकट में

April 12, 2026
8
उत्तराखंड

चारधाम यात्रा की तैयारियों में मौसम लगा रहा अड़ंगा

April 12, 2026
7
उत्तराखंड

उत्‍तराखंड में नशे के खिलाफ महिलाएं मुखर

April 12, 2026
9

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67670 shares
    Share 27068 Tweet 16918
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45774 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38050 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37328 shares
    Share 14931 Tweet 9332

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया

April 13, 2026

वाणिज्य परिषद के तत्वाधान में विभिन्न परिषदीय कार्यकर्मों का आयोजन

April 13, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.