बद्रीनाथ/ज्योतिर्मठ।
विश्व के सर्वश्रेष्ठ धाम श्री बद्रीनाथ धाम की पूजा पद्धति मे मुख्य पुजारी रावल के अलावा धर्माधिकारी व वेद पाठियों की ही महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन विडंबना है कि वर्ष 2012से 2022 के अंतराल मे धर्माधिकारी सहित सभी वेदपाठियों के कुल चार पद रिक्त हैं, लेकिन बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति विज्ञप्ति जारी करने के बाद भी आज तक नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण नहीं कर सकी है। जिसे लेकर अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों मे भारी आक्रोष है।
बीकेटीसी द्वारा हालांकि वर्ष 2018 एवं वर्ष 2023 मे निकाली गई विज्ञप्तियों और प्राप्त आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं कर सकी और पुनः 8अगस्त 2024को वेदपाठी के रिक्त सभी चार पदों के लिए विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे गए जिसके अनुसार प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने 30अगस्त 2024तक अपने वैदिक योग्यता व शैक्षिक प्रमाण पत्र विभागीय कार्यालय मे जमा करा दिए गए, इसी विज्ञप्ति एवं बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के आधिकारिक वेवसाईट पर साक्षात्कार के लिए संभावित तिथि 24सितंबर 2024 अंकित थी, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी न साक्षात्कार हुआ और ना ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबधित कोई जानकारी अभ्यर्थियों को दी गई।
वेद पाठी अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार हेतु बीकेटीसी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सीईओ को सामूहिक पत्र भेजे, मंदिर समिति स्तर से जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो अभ्यर्थियों ने सीएम हेल्पलाइन मे भी अपनी शिकायत दर्ज कराई, जब सीएम स्तर से भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो अब अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों ने आंदोलन व न्यायालय की शरण मे जाने का मन बना लिया है।
अभ्यर्थियों ने बीकेटीसी के मुख्यालय जोशीमठ-ज्योतिर्मठ मे मुख्यकार्याधिकारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर यथा शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग की है।
ज्ञापन की प्रति बीकेटीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष द्वय, मुख्य सचिव, धर्मस्व सचिव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदि को भी प्रेषित की गई है।
ज्ञापन पर अभ्यर्थिंगण अतुल डिमरी, सुधाकर उनियाल, प्रांशु सती, पूर्णानन्द जोशी, सौरभ कोठियाल, प्रशांत डिमरी, कृष्णा पंत, रुपेश जोशी, शशि भूषण नौटियाल, हिमांशु बहुगुणा, चन्द्रमणि पाण्डे, व आशीष किमोठी आदि के हस्ताक्षर हैं।











