
डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अमेरिका के मैक्स विलियम की आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बन गई. कभी ईसाई धर्म का.करते थे, उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. लाखों भक्तों के बीच अमेरिका से आए एक श्रद्धालु की आध्यात्मिक यात्रा लोगों को प्रभावित कर रही है. इंटरनेट पर भी इस विदेशी श्रद्धालु की रील काफी वायरल हो रही है. जहां लंबी दाढ़ी और भगवा चोला पहने अमेरिका निवासी मैक्स विलियम बाबा की भक्ति में लीन हैं. उनका कहना है कि बाबा नीम करौली महाराज की शिक्षाओं ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी. अब उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा और महाराज जी के आदर्शों के प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है. मैक्स विलियम ने बताया कि वर्ष 2020 तक वह ईसाई धर्म का पालन करते थे, लेकिन उनके मन में जीवन, ईश्वर और आध्यात्मिकता को लेकर कई ऐसे प्रश्न थे, जिनके उत्तर उन्हें नहीं मिल पा रहे थे. इसी दौरान उनके भारतीय मित्र विष्णु ने उन्हें प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु रामदास के बारे में बताया, जो बाबा नीम करौली महाराज के प्रमुख भक्तों में से एक रहे हैं. रामदास के प्रवचनों और उनके अनुभवों को सुनने के बाद पहली बार मैक्स ने बाबा नीम करौली महाराज के बारे में जाना. मैक्स बताते हैं कि बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं को जानने की जिज्ञासा धीरे-धीरे गहरी आस्था में बदल गई. इसी प्रेरणा से वर्ष 2022 में वह अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य स्थित ताओस आश्रम पहुंचे, जहां बाबा नीम करौली महाराज के अनुयायी सेवा कार्यों में जुटे रहते हैं. आश्रम में रहकर उन्होंने नियमित रूप से सेवा की और महाराज जी के जीवन पर आधारित कई पुस्तकों का अध्ययन किया. उन्होंने बताया कि बाबा को समर्पित ‘By His Grace’, ‘Love Everyone’ जैसी आध्यात्मिक पुस्तकों ने उन्हें महाराज जी के विचारों और जीवन-दर्शन को समझने में मदद की. करीब दो वर्षों तक आश्रम में रहते हुए उन्होंने सेवा, साधना और आत्मचिंतन का अनुभव किया. मैक्स कहते हैं कि इस दौरान उनके भीतर गहरा परिवर्तन आया और उन्हें जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ में आया. मैक्स के मुताबिक, मैंने महसूस किया कि सच्ची आध्यात्मिकता मानव सेवा और प्रेम में निहित है. बाबा नीम करौली महाराज की शिक्षाओं ने मुझे भीतर से बदल दिया. अब मैंने अपना संपूर्ण जीवन उनकी सेवा और उनके संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए समर्पित कर दिया है. मैक्स ने बताया कि कैंची धाम आने का सपना वह कई वर्षों से देख रहे थे. इसके लिए वह लगातार बाबा से प्रार्थना भी कर रहे थे. अंततः अन्य भक्तों के सहयोग से उनकी भारत यात्रा संभव हो सकी. उन्होंने कहा कि कैंची धाम पहुंचकर उन्हें ऐसी अनुभूति हो रही है, मानो उनकी वर्षों की साधना पूर्ण हो गई हो. मैक्स के मित्र विष्णु ने बताया कि वह मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में अमेरिका के ताओस, न्यू मैक्सिको में नौकरी करते हैं. ताओस स्थित बाबा नीम करौली आश्रम में ही उनकी मुलाकात मैक्स से हुई थी. विष्णु बताते हैं कि रामदास के प्रवचनों से प्रभावित होकर मैक्स ने महाराज जी के बारे में जानना शुरू किया और आज उन्होंने स्वयं को पूरी तरह बाबा की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है. विष्णु कहते हैं कि कैंची धाम में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है. यहां का वातावरण आंतरिक शांति और सकारात्मकता से भर देता है. वह दूसरी बार कैंची धाम आए हैं. इस बार मैक्स के साथ बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े दूसरे प्रमुख स्थलों के भी दर्शन करेंगे. इनमें काकड़ीघाट आश्रम, हनुमानगढ़ी, भूमियाधार आश्रम और वृंदावन आश्रम शामिल हैं. विष्णु कहते हैं कि महाराज जी का संदेश बहुत सरल है. हमेशा भगवान को याद करो, जीवन में कभी नहीं भटकोगे. यही संदेश आज दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी कैंची धाम तक खींच ला रहा है. विष्णु के अनुसार, मैक्स ने बाबा नीम करौली की शिक्षाओं और रामदास के प्रवचनों से प्रभावित होकर अपना जीवन पूरी तरह से बाबा की सेवा में समर्पित कर दिया है। वर्तमान में वे कैंची धाम में आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं और काकड़ीघाट, हनुमानगढ़ी, भूमियाधार और वृंदावन जैसे अन्य महत्वपूर्ण आश्रमों के दर्शन की योजना बना रहे हैं।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.











