• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

घांघरिया से बेदखली का वन विभाग ने जारी किया फरमान, भयूंडार घाटी में उबाल

31/05/20
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
164
SHARES
205
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

फोटो- हेमकुंड साहिब-लोकपाल का मुख्य पडाव घाॅधरिया।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। कोरोनाकाल में घाॅघरिया से बेदखल के फरमान के बाद भ्यॅूडार वैली में उबाल आ गया है। आंदोलन व न्यायालय की शरण में जाने को क्षेत्रीय ग्रामीण विवश हैं। वन महकमे के रवैये से ग्रामीण आक्रोषित हैं।
वर्ष 2013 की भीषण आपदा के बाद हेमकुंड साहिब-लोकपाल तथा फूलों की घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरिया में व्यवसाय कर किसी तरह आपदा के दंश से उभर रहे भ्यॅूडार वैली के ग्रामीणों पर अब घाॅधरिया से बेदखली की तलवार लटक गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क द्वारा वकायदा सरकारी विज्ञिप्त प्रकाशित करते हुए उत्तरखंड उच्च न्यायालय का हवाला दिया गया है। और स्पष्ट लिखा गया है कि उच्च न्यायालय के निर्देश व भारतीय वन अधिनियम की धाराओं का उपयोग करते हुए अवैध अध्यासन की कार्यवाही प्रांरभ कर दी गई है। और प्रबंधक हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट सहित 49 लोगांे की सूची भी जारी कर दी है। जिनको बेदखल किया जाना है। बेदखली की विज्ञप्ति प्रकाशित होने की खबर लगते हैं भ्यॅूडार वैली में भारी आक्रोष है।
दरसअल सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब, हिंदुओं के पवित्र तीर्थ लक्ष्मण मंदिर-लोकपाल तथा विश्व धरोहर फूलों की घाटी का मुख्य पडाव ही घाॅधरिया है। यह स्थान हेमकुंुड साहिब व फूलों की घाटी पंहुचने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए एकमात्र आवासीय स्थान है। इसीलिए जैसे-जैसे इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढती गई, यहाॅ के निवासियों ने भी अपनी छानियों को पक्के निर्माण में तब्दील करना शुरू किया। लेकिन तब किसी भी प्रकार की कोई रोक-टोक किसी भी स्तर से नहीं हुई। लेकिन बीते वर्षो में किसी संस्था द्वारा उत्तराखंड उच्च न्चायालय में याचिका दायर करने के बाद यहाॅ के निवासियांे के सामने बेदखली का खतरा मंडराने लगा। वन महकमे पर उच्च न्यायालय के निर्देशांे के पालन की बाध्यता हो सकती हैं, लेकिन कोरोनाकाल में जब उच्च न्यायालय में भी नियमित कामकाज नहीं हो पा रहे हैं, तो अचानक ऐसा फरफान जारी करने की पीछे क्या मंशा हो सकती है, यह समझ से परे है। हाॅलाकि वन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि नवंबर 2019 में आरक्षित वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को रिक्त करने का नोटिस भी जारी किया गया था।
हाॅलाकि घाॅधरिया में भ्यॅूडार के ग्रामीणों के गौचर,पनधट व छानिया तब से ही मौजूद रही हैं, जब हेमकुंड साहिब प्रगट भी नहीं हुए थे। क्यांेकि फूलों की घाटी व लोकपाल तीर्थ में स्थानीय लोगों व प्रकृति प्रेमी पर्यटकांे का आवागमन यदा-कदा होता ही था। और भ्यॅूडार/पुलना के ग्रामीण ग्रीष्म काल में अपने पशुओं के संग घाॅधरिया में ही जीवन यापन करते थे। बाद के वर्षो में हेमकुंड साहिब की यात्रा बढने व फूलों की घाटी का व्यापक प्रचार-प्रसार होने के बाद इन क्षेत्रों मंे श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढने लगी और भ्यूॅडार वैली के ग्रामीणों ने अपनी छानियों को पक्के निर्माण में तब्दील करना शुरू किया। और तब वन विभाग व प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई पांबदी नहीं लगाई गई। फलस्वरूप बडी संख्या में युवा होटल व ढाबा व्यवसाय के माध्यम से स्वरोजगार करने लगे और एक बडी आबादी का गाॅव पलायन होने से बच गया। लेकिन अब बेदखली के ओदश प्रकाशित होने से पूरी भ्यूूडार वैली मे भारी आक्रोष है।
भ्यूूॅडार के पूर्व प्रधान विजेन्द्र सिंह चैहान कहते हैं कि पूर्व में वन महकमे द्वारा जारी बेदखली के नोटिस के बाद ग्रामीण प्रतिनिधियों ने वन महकमे के आलाधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से भी मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया और सभी स्तर से इस समस्या का समय रहते समाधान निकाले जाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन अचानक बेदखल करने का फरमान अखबारों में प्रकाशित होने से आपदा का दंश झेल रहे भ्यूॅडार के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। अब अपनी रोजी रोटी के एकमात्र साधन को बचाने के लिए आंदेालन व न्यायायल की शरण ही एकमात्र विकल्प रह गया है।
संपर्क करने पर बदरीनाथ के विधायक महेन्द्र भटट कहते हैं कि उन्होंने ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री से वार्ता की है। और कई बार इस संबध मे वार्ताएं हो चुकी है, बीच का रास्ता निकालने की योजना में सरकार कार्य कर रही थी कि कोरोना महामारी के कारण इस पर समय रहते निर्णय नहीं लिया जा सका। कहा कि वे शीध्र ही मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से इस संबध मे वार्ता कर उचित हल निकालने का प्रयास करेंगे।

Share66SendTweet41
Previous Post

राज्य में 53 संक्रमित, आंकड़ा पहुंचा 802

Next Post

परिवार सहित कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज कोरोना पाजिटिव

Related Posts

उत्तराखंड

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम

April 23, 2026
7
उत्तराखंड

विधायक ने सड़क स्वीकृति पर क्षेत्रीय जनता को बधाई दी

April 23, 2026
127
उत्तराखंड

विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन

April 22, 2026
10
उत्तराखंड

पिरूल का सही इस्तेमाल किया जाए तो जंगलों में धधकी आग पर तो हमेशा के लिए काबू पाया ही जा सकेगा

April 22, 2026
12
उत्तराखंड

डोईवाला डिग्री कॉलेज में उद्यमिता अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित

April 22, 2026
27
उत्तराखंड

डोईवाला: छात्रों ने 100 से अधिक फलदार एवं फूलों के पौधे रोपे

April 22, 2026
16

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67674 shares
    Share 27070 Tweet 16919
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम

April 23, 2026

विधायक ने सड़क स्वीकृति पर क्षेत्रीय जनता को बधाई दी

April 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.