

पिथौरागढ, 30 जून 2026
जिला मुख्यालय के निकट
भूस्खलन प्रभावित देवत ग्राम में 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ ने दस हजार पौधों का विशेष वृक्षारोपण अभियान संचालित किया है।
पर्यावरण संरक्षण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के भूस्खलन प्रभावित देवल ग्राम में 10,000 पौधों का विशेष वृक्षारोपण अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अभियान में राज्य वन विभाग, पूर्व सैनिकों, स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
देवत ग्राम भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्र है, जहाँ प्रत्येक वर्ष वर्षाकाल के दौरान भूस्खलन एवं बोल्डर गिरने की घटनाएँ जन-धन की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन जाती हैं। गत वर्ष एक बालक की घर पर बोल्डर गिरने से हुई असामयिक मृत्यु ने इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को और अधिक उजागर किया।
130 इको टास्क फोर्स के सहायक कमान अधिकारी ले. कर्नल वीएस दानू ने बताया कि देवत परिक्षेत्र के पहाड़ी ढालों को स्थिरता प्रदान करने, मृदा अपरदन को रोकने, भू-क्षरण को नियंत्रित करने तथा पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से यह विशेष वृक्षारोपण अभियान संचालित किया गया।
उल्लेखनीय है कि बटालियन द्वारा गत वर्ष भी इसी क्षेत्र में लगभग 10,000 पौधों का रोपण किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। वर्तमान अभियान उसी सतत एवं दीर्घकालिक प्रयास की निरंतरता है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुदृढ़ बनाना है।
कार्यक्रम में श्री गणेश भण्डारी, ऊर्जा राज्य मंत्री, श्री अशुतोष सिंह, आई.एफ.एस., प्रभागीय वनाधिकारी, विकास खण्ड अधिकारी, जलागम परियोजना अधिकारी, थाना प्रभारी जाजरदेवल, आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ पिछले तीन दशकों से उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में वनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बटालियन द्वारा अब तक 2.54 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण एवं संरक्षण किया जा चुका है, जिससे लगभग 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित आवरण विकसित हुआ है तथा 75 प्रतिशत से अधिक जीवितता (Survival Rate) सुनिश्चित की गई है। इन प्रयासों से वनावरण में वृद्धि, मृदा संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं जैव विविधता के संरक्षण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बटालियन को समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों एवं प्रशस्तियों से सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर पिथौरागढ़ नगर निगम की महापौर श्रीमती कल्पना देवलाल ने पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता एवं व्यापक वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से जनपद में हरित आवरण बढ़ाने में बटालियन के उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ को ‘प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Appreciation)’ प्रदान कर सम्मानित किया।
यह वृक्षारोपण अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता से आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी एवं दूरदर्शी पहल है। बटालियन का यह प्रयास आने वाले वर्षों में देवल क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा समाज में प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
इससे पूर्व नगर निगम मेयर कल्पना देवलाल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए इको टास्क फोर्स की यूनिट को स्मृतिचिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।











