हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
एक बार फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली विवादों में घिरता नजर आ रहा है,इस बार विवाद एक सीएचसी के चिकित्सकों की घोर लापरवाही के चलते एक जच्चा-बच्चा की दर्दनाक मौत के रूप में सामने आई हैं।
दरसअल सोमवार थराली विकासखंड के कुराड़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आफर तोक के अंतर्गत एक गर्भवती 35 वर्ष गर्भवती सरिता देवी पत्नी नरेंद्र कुमार को प्रसव पीड़ा के बाद परिजन प्रसूता को प्रातः करीब 8.30 बजें समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लेकर पहुंचे, बताया जा रहा है कि जब प्रसूता को चिकित्सालय लाया गया था प्रसूता बिल्कुल स्वस्थ थी,8.30 बजें प्रसूता को चिकित्सालय लाने के बाद बिना गायनकोलॉजिस्ट के ही सामान्य चिकित्सक ने 11 बजें प्रसूता का चैकअप किया और उसे सामान्य बात कर हायर सेंटर रेफर करने के बजाय करीब 2 बजें तक उसे अस्पताल में ही रोकें रखा,इस बीच प्रसूता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और बितते समय के साथ प्रसूता का स्वास्थ्य खराब होता चला गया, परिजनों के निवेदन के बावजूद भी चिकित्सकों ने प्रसूता ने स्वास्थ्य ठीक बताते हुए हाई सेंटर रेफर नही किया, मृतिका प्रसूता के भाई पप्पू सोअधिक स्वास्थ्य लियाल ने बताया कि उनकी बहन की तबीयत बिगड़ने पर डाक्टरों ने दोपहर करीब 2 बजें प्रसूता को एक ऐसे 108 एम्बुलेंस से उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के लिए रेफर किया जिसमें आक्सीजन सिलेंडर और पंखे तक नही थे, प्रसूता ने नारायणबगड़ के आसपास तड़पते हुए दम तोड़ दिया, कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा को मृत घोषित कर दिया,इधर ग्राम प्रधान लेटाल चमेली देवी ने बताया कि सरिता देवी के दो बच्चे नितिन कुमार (उम्र 15 वर्ष)व पायल (उम्र 8 वर्ष) है, जो बेसहारा हो गए हैं, उधर कर्णप्रयाग के कोतवाली प्रभारी विनोद थपलियाल ने बताया कि मृतका के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम करवाया गया है, पोस्मार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी,परिजनों ने इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही की मांग की हैं। जच्चा-बच्चा के आकस्मिक निधन से परिजनों का रो,रो कर बूरा हाल है, जच्चा-बच्चा के निधन पर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष पनपने लगा हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.संजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में तैनात डॉ.अमित रूद्र द्वारा प्रसूता को देखा गया, अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण प्रसूता को हायर सेंटर रेफर किया गया, उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही हैं, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











