डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, देहरादून की ओर से रविवार को डोईवाला ब्लॉक के सिमलास ग्रांट में एक वृक्ष पुरानी पेंशन के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, पूर्व सैनिक, किसान और स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की मांग की।
जिला अध्यक्ष अवधेश सेमवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक एवं नैतिक अधिकार है। सरकार को लाखों कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था जल्द बहाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प भी है।
जिला महामंत्री अभिषेक नवानी ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं दे पा रही है। देशभर के कर्मचारी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती।
जिला समन्वयक आलोक जोशी ने कहा कि जिस प्रकार एक पौधा वर्षों तक समाज को जीवन देता है, उसी प्रकार पुरानी पेंशन कर्मचारी और उसके परिवार को जीवनभर सम्मान एवं सुरक्षा प्रदान करती है। सरकार को कर्मचारियों की इस न्यायोचित मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
जिला संगठन मंत्री शुभम चौधरी ने कहा कि एक वृक्ष पुरानी पेंशन के नाम अभियान सामाजिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम है। उन्होंने सभी कर्मचारियों और युवाओं से इस जनजागरण अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल आर्थिक सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवार के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
इसलिए सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया और पुरानी पेंशन बहाली के जनआंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता अश्वनी गुप्ता, उपाध्यक्ष अनूप कुमार, अभिलाष यादव, कैलाश चंद्र पांडे, देवेंद्र सिंह, प्रेम सिंह रावत, पूर्व सैनिक दरबान सिंह बोरा, सुरेश पुंडीर, जनार्दन सिलोड़ी, विनोद पाल, भगवान दास, अजय पाल, प्रवीण पाल और गुलाब सिंह आदि रहे।











