ज्योतिर्मठ।
विश्व धरोहर फूलों की घाटी का अब देशी और विदेश पर्यटक
दीदार कर सकेंगें। सोमावार को नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान ने घाटी को पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दी गई है। अब पर्यटक घाटी में आवाजाही कर सकेंगे। पहले ही दिन 108पर्यटकों ने घाटी का दीदार किया।
फूलों की घाटी प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स के लिए किसी खजाने से कम नहीं मानी जाती। यहां बड़ी संख्या में हिमालयी जड़ी बूटियाँ और फूल पाये जाते हैं। घाटी की जैव विविधता को देखते हुए यूनेस्को की ओर फूलों की घाटी को विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी पहली जून को घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। आमतौर पर यह घाटी अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने तक खुली रहती है।
मानसून के आगमन के साथ यहां फूलों की बहार शुरू होती है, जो जुलाई से सितंबर के बीच अपने चरम पर पहुंचती है। इस दौरान ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता और कोबरा लिली समेत सैकड़ों दुर्लभ प्रजातियों के फूल घाटी की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।
इस मौके पर फूलों की घाटी रेँज की रेंज ऑफीसर चेतना कांडपाल, पुलिस चौकी घांघारिया के इंचार्ज उप निरीक्षक अमनदीप सिंह, जीएमवीएन के प्रबंधक किशोर डिमरी, ईडीसी के सदस्यगण, स्थानीय लोग व बड़ी संख्या मे पर्यटक मौजूद रहे।











