गैरसैंण बाजार बंद कर मुख्यमंत्री का पुलता दहन करेंगे गैरसैंण आंदोलनकारी

51

गैरसैंण। 2018 में भराडीसैंण में हुए विधान सभा सत्र के दौरान राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने गैरसैंण मुख्य तिराहे पर जाम लगाया था, जिसमें पुलिस को बल का प्रयोग भी करना पड़ा था। इसी के मध्येनजर लगभग 52 व्यक्तियों को पुलिस ने सूचीवद्ध् किया था, जिसमें से विवेचना के पश्चात 24 महिलाओं और 14 पुरूषों के विरूद्ध प्रशासन ने विभिन्न धाराओं 147, 149, 151, 152, 186, 188, 283, 332, 341, 353, 427 में मुकदमा दर्जकर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, कृष्णा नेगी, पृथ्वी सिंह, सरोजशाह, धूमा देवी, हंसी देवी, मंजू देवी, धनस‌िंह, अनीता, गोबिन्दी, उमा देवी, चंद्रमती, लक्ष्मण सिंह, विशाली देवी, काशी देवी, कमला देवी, पार्वती देवी, लक्ष्मी देवी, कुलदीप रावत, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रामप्रसाद उप्रेती, चैना देवी, गुडी देवी, मंजू देवी, मुन्नी देवी, राधा देवी, जसवन्त
सिंह, बिरेन्द्र लाल, पूरण सिंह नेगी, धनी राम, नंदन सिंह, नंदन सिंह, बलवन्त सिंह, गौरव, देवेंद्र सिंह बिष्ट, सुमती बिष्ट, बीरा देवी, महाबीर सिंह, मंजू देवी पर अभियोग पंजीकृत किया गया है।
उपरोक्त में से नारायणबगड निवासी महाबीर सिंह, गैड निवासी अनीता और मंजू देवी ने गिरफ्तारी नहीं दी।
शेष 35 आंदोलनकारियों ने जमानत लेने से इंकार कर जेल जाने का निर्णय लिया। भारी विरोध और पुलिस सुरक्षा के बीच इन्हें पुरसाडी जेल भेज दिया गया। जेल जाने के बाद रामलीला मैदान में राजधानी गैरसैंण समर्थकों की बैठक हुई। जिसमें बृ‌हस्पतिवार को 12 बजे तक गैरसैंण बाजार बंद और रात्रि को त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला दहन का निर्णय लिया गया है। इस दौरान
डा ए पी मैखुर, एडवोकेट के एस बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, चारू तिवारी, पी सी तिवारी, इंद्रश मैखुरी, महेश पांडे आदि तमाम लोग मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here