• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

हिन्दी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने में पंत जी का रहा योगदान

07/03/21
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
234
SHARES
293
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
गोविंद बल्लभ पंत एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और वल्लभ भाई पटेल के साथ.साथ आधुनिक भारत को आकार देने वाले एक प्रमुख व्यक्ति थे। उन्होंने आजादी के बाद की भारत सरकार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका नाम हाल ही में खबरों में था, क्योंकि स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण नई दिल्ली के पंडित पंत मार्ग में एक नए स्थान पर किया गया था। मूर्ति को रायसीना रोड सर्कल के पास अपने पुराने स्थान से स्थानांतरित किया जाना था, क्योंकि यह नए संसद भवन बनाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत को राजनीतिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले पहाड़ी इलाकों को देश के राजनीतिक मानचित्र पर जगह दिलाने का श्रेय जाता है। गोविन्द बल्लभ पंत जी की वकालत के बारे में कई किस्से मशहूर थे। उनका मुकदमा लड़ने का ढंग निराला था, जो मुवक्किल अपने मुकदमों के बारे में सही जानकारी नहीं देते थे, पंत जी उनका मुकदमा नहीं लेते थे। 10 सितम्बर, 1887 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित खूंट गाव में जन्मे गोविंद बल्लभ पंत ने वर्ष 1905 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और 1909 में उन्होंने कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की। काकोरी मुकद्दमे ने एक वकील के तौर पर उन्हें पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई।

गोविंद बल्लभ पंत जी महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को देश की जनशक्ति में आत्मिक ऊर्जा का स्त्रोत मानते रहे। गोविंद बल्लभ पंत जी ने देश के राजनेताओं का ध्यान अपनी पारदर्शी कार्यशैली से आकर्षित किया। भारत के गृहमंत्री के रूप में वह आज भी प्रशासकों के आदर्श हैं। पंत जी चिंतक, विचारक, मनीषी, दूरदृष्टा और समाजसुधारक थे। उन्होंने साहित्य के माध्यम से समाज की अंतर्वेदना को जनमानस में पहुंचाया। उनका लेखन राष्ट्रीय अस्मिता के पार्श्व चिन्हांकन द्वारा लोगों के समक्ष विविध आकार ग्रहण करने में सफल हुआ। उनके निबंध भारतीय दर्शन के प्रतिबिंब हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए अपनी लेखनी उठाई। प्रबुद्ध वर्ग के मार्गदर्शक पंत जी ने सभी मंचों से मानवतावादी निष्कर्षों को प्रसारित किया। राष्ट्रीय चेतना के प्रबल समर्थक पंत जी ने गरीबों के दर्द को बांटा और आर्थिक विषमता मिटाने के अथक प्रयास किए। वर्ष 1937 में पंत जी संयुक्त प्रांत के प्रथम प्रधानमंत्री बने और 1946 में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। 10 जनवरी, 1955 को उन्होंने भारत के गृह मंत्री का पद संभाला। सन 1957 में गणतन्त्र दिवस पर महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता, तर्क के धनी एवं उदारमना पन्त जी को भारत की सर्वोच्च उपाधि भारतरत्न से विभूषित किया गया।

हिन्दी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने में भी गोविंद वल्लभ पंत जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सात मार्च, भारत के स्वतंत्रता संग्राम की स्वर्णिम कहानी आज भी लोगों के दिलों में क्रांति की अलख जलाती है। इस स्वतंत्रता की कहानी में कई ऐसे नायक भी थे जिन्होंने चुपचाप अपने काम को पूरा किया। ऐसे लोगों के कार्य ही इन्हें लोकप्रियता दिलाते हैं। पंत को देश का गृहमंत्री बनाया। गृहमंत्री रहने के दौरान ही पंत जी ने हिंदी भाषा को संविधान में राष्ट्र भाषा के रूप में दर्ज करवाया और भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न देने की प्रथा की शुरुआत की। साल 1957 में पंडित गोंविद बल्लभ पंत जी को देश की आजादी और भारत के आधुनिक विकास में उनके योगदान के लिए भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया। आजादी की लड़ाई में एक ऐसे ही सिपाही थे भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंतण् 7 मार्च 1961 को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी का देहावसान हो गया और इसी के साथ स्वतंत्रता सेनानी और भारत के अनमोल रत्न मानवता के आकाशमंडल में ध्रुव तारा बनकर स्थापित हो गए।

Share94SendTweet59
Previous Post

मृत आत्माओं की शांति के लिए तपोवन हनुमान मंदिर में सुंदर कांड पाठ

Next Post

‘चुप्पी तोड़ो, स्त्रीत्व से नाता जोड़ो’ कार्यक्रम में शामिल हुईं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं माता मंगला

Related Posts

उत्तराखंड

यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों की समीक्षा हेतु देहरादून में राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित

August 3, 2026
121
उत्तराखंड

*भारतीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान की चिंता

August 3, 2026
10
उत्तराखंड

हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब

August 3, 2026
7
उत्तराखंड

ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

August 3, 2026
7
उत्तराखंड

श्रावण मास के तृतीय सोमवार को पिंडर घाटी के शिवालयों एवं देवालयों में शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया

August 3, 2026
11
उत्तराखंड

नंदा देवी राजजात 2026 को होगी या 2027 को, असमंजस में नंदा भक्त

August 3, 2026
114

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67716 shares
    Share 27086 Tweet 16929
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38071 shares
    Share 15228 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों की समीक्षा हेतु देहरादून में राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित

August 3, 2026

*भारतीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान की चिंता

August 3, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.