
कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। कोटड़ी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद पौडी गढ़वाल, विकासक्षेत्र यम्केश्वर के ग्राम ढुंगाधार में श्री गुरुगोरखनाथ पर्यावरणीय संरक्षण एवं संवर्धन समिति कोटद्वार के तत्वावधान में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया जिसमे देवदार, आंवला, बांज, सिल्वर ओक, नीम, बेल, जामुन, पीपल, हरड़, बहेड़ा, तेजपत्ता आम अमरूद, नींबू, लीची आदि पौधो का रोपण किया गया। तत्पश्चात वन एवं पर्यावरण पर एक विचार गोष्ठी नवीन कुमार बडोला, ग्राम प्रधान ढुंगा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। गोष्ठी का संचालन आर०पी० पंत (अध्यक्ष) ने किया। गोष्ठी में अशोक नेगी ने समिति द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए वन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पंरम्परागत खेती वन्यजीवो के नुकसान के कारण खेत बंजर हो गये हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए आज इन खेतों में पेड पौधे रोपकर बागवानी करनी चाहिए। उमानन्द बडोला द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि आज लेंटाना (कुरी) एवं कालाबासा व गाजर घास के उन्मूलन की कार्यवाही प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना अंतर्गत किए जाने की आवश्यकता है, तभी प्लायन रुकेगा तथा कास्तकारी सफल हो सकेगी। गोष्ठी में प्रमोद कुमार डोबरियाल द्वारा अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष लगाना इतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना उसके संरक्षण की आवश्यकता है, नवीन कुमार बडोला द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि आज पर्यावरण को सुदृढ़ करने के लिए मिश्रित वनों की आवश्यकता है। उन्होंने समिति के द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों का आभार व्यक्त किया एवं समिति से आग्रह किया कि अगले वर्ष भी इस कार्यक्रम को आयोजित करते रहे। गोष्ठी को संम्बोधन करने वालो में विनय रावत, प्रकाश हेमदान, सुनील नेगी, बलबीर सिंह बिष्ट, सच्चिदानंद पोखरियाल, मन मोहन बडोला, मनोज कुमार बडोला, हरि प्रसाद बडोला, राम दयाल बडोला, हर्षवर्धन बडोला, भारत भूषण बडोला, सूरज बडोला आदि मौजूद रहे।











