हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। तों इस बार कपाट खुलने के दौरान एवं उसके बाद आगामी 6 महिनों तक आयोजित होने वाली पूजा में लाटूधाम वांण में बकरों की बलि नही होगी।
दरसअल विकास खंड देवाल के अंतर्गत श्री नंदादेवी लोक जात यात्रा एवं श्री नंदादेवी राजजात यात्रा के अंतिम आवादी वाले पड़ाव वांण गांव में सदियों पूर्व स्थापित लाटू मंदिर परिसर में पिछले वर्षों तक कपाटों उद्घाटन एवं इसके बाद करीब 6 महिनों तक पूजा,अर्चना एवं अनुष्ठान में भारी तादाद में बकरों की बलि दिए जाने की प्रर्था चली आ रही थी। किंतु पिछले महिनों वांण ग्राम पंचायत, महिला मंगल दल,युवक मंगल दल एवं गांवों के बुद्धिजीवियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित हुई जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि सदियों से लाटू धाम के मंदिर परिसर में बकरों की बलि की कुप्रथा को बंद कर दिया जाएगा, इसके स्थान पर श्रीफल एवं गोले चढ़ाएं जाएंगे, जों भी बकरों की बलि चढ़ाने का प्रयास करेगा उसके खिलाफ पंचायत दंडात्मक कार्यवाही करेंगी,इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अपेक्षा जताईं जा रही हैं कि अब लाटू धाम वांण के मंदिर परिसर में बकरों की बलि नही चढ़ेगी। कल 1 मई को बैसाख पूर्णमासी के अवसर पर सिद्धपीठ वांण के कपाट विधि-विधान के साथ लाटू देवता एवं नंदा भक्तों के पूजन के खोले जाएंगे। इसके साथ ही दो दिवसीय मेले का भी आयोजन किया जाएगा। कपाटों उद्घाटन के लिए आयोजन कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार एक मई को बैसाख पूर्णमासी के पावन पर्व पर वांण गांव स्थित प्रसिद्ध लाटू धाम के कपाट दोपहर 1 बजें आगामी छह माह के लिए नंदा भक्तों एवं लाटू भक्तों के लिए खोले जाएंगे, आयोजन कमेटी के अनुसार गुरुवार प्रातः काल से ही कपाटों उद्घाटन के तहत पूजा,अर्चना एवं अनुष्ठान शुरू कर दिए जाएंगे।इसके साथ ही दो दिवसीय लाटू देवता जागृति पर्यटन सांस्कृतिक महोत्सव के बैनर तले 1 एवं 2 मई को मेले का आयोजन किया जाएगा। मेंला कमेटी के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजन की गई,जिस में तैयारियों को समीक्षा की गई और बताया गया हैं लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं मेला कमेटी के संरक्षक कृष्णा सिंह, वांण की ग्राम प्रधान नंदूली देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमा देवी,उप प्रधान बीना देवी, पुजारी दिवान सिंह,गिदौर हुक्म सिंह, महिला मंगल दल अध्यक्ष नंदी देवी, सीमा पहाड़न,खिलाप सिंह,हीरा सिंह, कुंवर सिंह बिष्ट,भारत सिंह,धन सिंह बिष्ट, महिपाल बिष्ट,भाग सिंह पंचोली आदि ने विचार व्यक्त किए।











