डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। नगर क्षेत्र के वार्ड 15 नियामवाला स्थित सुसवा नदी किनारे सरकारी भूमि पर विकसित किए जा रहे ‘शहरी ऑक्सीजन वन’ में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में सैकड़ों पौधे प्रभावित हुए हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह प्लांटेशन वर्ष 2024 में हरेला पर्व के दौरान हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से तैयार किया गया था। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर आग लगाई। जानकारों का कहना है कि भूमाफियाओं द्वारा अवैध रास्ता बनाने के उद्देश्य से इस विकसित हो रहे जंगल को निशाना बनाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सभासद रियासत अली मोंटी के नेतृत्व में राहत कार्य शुरू किया गया। टैंकर मंगवाकर स्थानीय लोगों के सहयोग से पेड़ों पर पानी डाला गया, जिससे आग के प्रभाव को कम करने और बची हुई हरियाली को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। सभासद ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों की भी बर्बादी करती हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस दौरान फुरकान अली, मोहम्मद इमदाद, जाकिर हुसैन, नदीम खान, अब्दुल ताहिर, अशरफ अली, आदिल हुसैन, इमरान अली, जांगर हुसैन और मोहम्मद कैफ आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में हरेला पर्व के अवसर पर नगर पालिका, वन विभाग और तहसील प्रशासन के संयुक्त सहयोग से 15 से 20 बीघा ग्राम समाज व नदी श्रेणी की भूमि पर शीशम, बांस, कचनार, आंवला, जामुन, सागौन और कनक चंपा सहित सैकड़ों पौधे लगाए गए थे। इस क्षेत्र को ‘मिनी फॉरेस्ट’ अथवा ‘शहरी ऑक्सीजन वन’ के रूप में विकसित किया जा रहा था। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को अवगत करा दिया है यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर आगजनी की गई है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।











