हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/ग्वालदम।
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम ने केन्द्रीय विद्यालय एसएसबी ग्वालदम के 6, 7 व 8 वीं के बच्चों को खेती के वैज्ञानिक गुरू
सिखाते हुएं अधिक उत्पादन की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालदम में पहुंचे केंद्र विद्यालय ग्वालदम के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को कृषि से संबंधित जानकारी देते हुए केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ.एसएस सिंह ने मैसमीय फसल के कीट रोग व उनके उपचार से संबंधित जानकारी दी, वैज्ञानिक डॉ. शिवदयाल ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों की जानकारी के साथ-साथ कृषि वानिकी की से संबंधित जानकारी दी, केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.अभिषेक बहुगुणा ने संरक्षित खेती के अंतर्गत पॉलीहाउस और नेट हाउस में सब्जियों और फूलों की खेती के संबंध में जानकारी दी। ग्रीनहाउस में उत्पन्न होने वाली ग्रीन गैसों से फसलों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जा सकता तथा पॉलीहाउस के तापमान को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है से संबंधित तकनीकी जानकारी के साथ मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादकों के लिए किस प्रकार लाभदायक है की जानकारी दी।
वैज्ञानिक डॉ. अरुण सैनी ने पशुपालन व मुर्गीपालन के संबंध में तकनीकी जानकारी
वैज्ञानिक डॉ.र डीसी काला ने प्रकृतिक खेती के अंतर्गत जीवमृत, बीजामृत, दशपर्णी, घनजीवामृत आदि बनाने की जानकारी दी प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पौधों मे कीटों व बीमारियों से बचाने के लिए प्राकृतिक विधि व जैविक विधि की जानकारी भी छात्र, छात्राओं को दी। छात्र, छात्राओं ने प्रकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, मृदा उपचार, मृदा जाँच, संरक्षित सब्जियों की खेती के संबंध में केंद्र के वैज्ञानिको से जानकारी प्राप्त की कार्यक्रम के दौरान, इस मौके पर केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक कमलेश डालाकोटी, सुनील कुमार, शिक्षिका सोनम शर्मा व खुशबू रानी भी मौजूद थे इस दल 115 छात्र-छात्रायें मौजूद थे।











