हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। जिस तरह से मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस इकोनॉमिक कारिडोर के लोकार्पण के दौरान अपने भाषण श्री नंदादेवी राजजात यात्रा का उल्लेख किया है, उससे संभावना बढ़ गई है, कि आसन्न मां नंदा राजजात यात्रा को केंद्र एवं राज्य सरकार ऐतिहासिक बनाने के लिए अब तमाम संसाधन झोंक सकते हैं।
देहरादून-दिल्ली एक्सेसवें इकोनोमिक कारिडोर का लोकार्पण करने के बाद जसवंत सिंह आर्मी ग्रांउड गढ़ी कैंट में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से मां नंदादेवी राजजात यात्रा का जिक्र किया उससे पूरे उत्तराखंड में ही नही भारत वर्ष एवं हिंदु धर्म के अनुयायियों के बीच श्री नंदादेवी राजजात यात्रा का एक संदेश गया हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा मां नंदादेवी राजजात यात्रा का जिक्र करते हुए नारी शक्ति बंदन बिल पर जिस तरह से बात रखी और देव भूमि उत्तराखंड के लोगों में मां नंदा के प्रति जिस तरह की अपार आस्था की बात रखते हुए आसन्न राजजात यात्रा की बात कही है उससे नंदा राजजात यात्रा के आयोजकों के साथ पूरे उत्तराखंड के जनमानस में आस जगी है कि निश्चित ही अब केंद्र एवं राज्य सरकार इस यात्रा को भव्य एवं दिव्य रूप से आयोजित करने के लिए कोई भी कोर कसर नही छोड़ेगी, दरसअल पहले 12 वर्ष के हिसाब से 2026 में राजजात का आयोजन होना हैं, किंतु अभी तक पूरी तरह से तय नही हो पाया है कि इसी साल आयोजन होगा अथवा अगले साल 2027 में आयोजन होगा। किंतु अभी तक केवल बधाण क्षेत्र में जहां पर नंदा राजजात यात्रा के सर्वाधिक पड़ाव है और गढ़वाल व कुमाऊं के अलग-अलग हिस्सों से यात्रा में सामिल होने वाली छतौलियों,देव डोलियों, निशानों का मिलन भी यही पर होता अब तक यहां पर केवल लोक निर्माण विभाग के द्वारा ही राजजात के तहत राज्य मार्ग संख्या 90 थराली -देवाल-मंदोली-वांण एवं राज्य मार्ग संख्या 91 ग्वालदम-नंदकेशरी मोटर सड़कों पर ही करीब 47 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक की लागत के कार्य किया जा रहा है। इसमें से भी 52.20 किमी लंबे राज्य मार्ग थराली -देवाल-मंदोली-वांण का ना तों चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है और ना ही पूरे मार्ग का हाट मिक्स किया जा रहा है,इस मार्ग पर केवल 22 किमी में ही टुकड़ों में हाट मिक्स स्वीकृति हैं। इसके अलावा 280 से 290 किलोमीटर लंबी राजजात यात्रा मार्ग के 19 से 22 पड़ावों वाली यात्रा के पैदल रस्तों, यात्रा मार्ग पर समुचित पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था के अलावा पड़ावों पर ठहरने के लिए बेहतरीन प्रबंधन के लिए ठोस रणनीति के साथ ही अलग-अलग विभागों को कार्यों को करवाने के लिए धनराशि जारी नही की गई हैं। जिससे यात्रा पर विपरीत प्रभाव की संभावना बनी हुई हैं, हालांकि पिछले दिनों ग्रामीण निर्माण विभाग ,जल संस्थान ने भी राजजात के तहत निविदाएं आमंत्रित की हैं, लेकिन किए जा रहे कार्य यात्रा को देखते हुए अपर्याप्त हैं। परंतु मंगलवार को पीएम मोदी के द्वारा मंच से राजजात एवं हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ का जिक्र किया है उससे राजजात यात्रा की तैयारियों को काफी अधिक बल मिलने की संभावना बढ़ गई हैं।
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निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा सार्वजनिक मंच से मां नंदादेवी राजजात यात्रा का जिक्र करना अपने आप में ऐतिहासिक हैं,इससे साफ जाहिर हैं कि पीएम मोदी को यात्रा के संबंध में पूरी जानकारी हैं और वें राजजात के आयोजन के प्रति काफी अधिक गंभीर भी हैं ऐसे में माना जा सकता हैं कि अब आयोजन एवं यात्रा के संचालन में किसी भी तरह की समस्या सामने नही आएगी और केंद्र व राज्य सरकार पीएम के गंभीर रूख को देखते हुए आयोजन की तैयारियों में और अधिक सक्रियता से जुट जाएंगे। निश्चित ही राजजात यात्रा दिव्य एवं भव्य होगी।
भूपाल राम टम्टा
विधायक थराली विधानसभा












