हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
श्री नंदादेवी राजजात की तैयारियों और विकास कार्यो को लेकर राजराजेश्वरी समति बधाण ने थराली के उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह के माध्यम से एक 23 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को भेज कर मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने का निवेदन किया हैं।
केंद्रीय मां नंदादेवी राजराजेश्वरी समिति के सदस्यों ने अध्यक्ष सुशील रावत के नेतृत्व में थराली के उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को एक ज्ञापन भेजते गया हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि नंदादेवी राजजात के विभिन्न पड़ावों पर तैयारियों और विकास कार्यो के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही धनराशि मुहैया कराने की मांग की हैं।ज्ञापन में समिति ने स्पष्ट करते हुए कहा कि 2026 में कथित बड़ी जात यदि लोकजात के रूप में आयोजित होती है तो यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा वहीं आस्था और परंपराओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति ने
स्पष्ट किया कि बड़ी जात में सम्मिलित गैर परंपरागत डोली और राजछंतोली की व्यवस्था की जाती हैं तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी, इसके साथ ही समिति ने नंदा सिद्धपीठ कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र में सम्मिलित किए जाने पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए, नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा को भी पर पर्यटन मानचित्र में सम्मिलित कर दोनों पीठों को सुसज्जित करने की मांग उठाई गई हैं। समिति ने यात्रा मार्गों ,पड़ावों तक पैदल रास्तो, पुलियाओं की व्यवस्था चुस्त, दुरुस्त करने के साथ ही विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था के साथ ही प्रर्याप्त सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, शुद्ध पेयजल व्यवस्था किए जाने, पड़ावों पर बेहतरीन पार्किंग व्यवस्था किए जाने, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए रेन सेल्टर का निर्माण किए जाने के अलावा यात्रा मार्गों पर अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने की पूरजोर मांग की हैं। ज्ञापन सौंपने वाले शिष्ट मंडल में समिति के सदस्य डीडी कुनियाल,देवराड़ा मंदिर समिति के अध्यक्ष भूवन हटवाल,जय सिंह बिष्ट, हरेंद्र नेगी, पृथ्वी सिंह रावत,ललित मिश्रा,विक्रम नेगी आदि मौजूद थे।











