• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

जड़ी बूटियों में मौजूद है कोरोना का इलाज

06/04/20
in उत्तराखंड, हेल्थ
Reading Time: 1min read
285
SHARES
356
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखण्ड आदि काल से ही महत्वपूर्ण जड़ी.बूटियों व अन्य उपयोगी वनस्पतियों के भण्डार के रूप में विख्यात है। इस क्षेत्र में पाये जाने वाले पहाड़ों की श्रृंखलायें, जलवायु विविधता एवं सूक्ष्म वातावरणीय परिस्थितियों के कारण प्राचीन काल से ही अति महत्वपूर्ण वनौषधियों की सुसम्पन्न सवंधिनी के रूप में जानी जाती हैं। प्राचीन काल से ही वनस्पतियों का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार हेतु किया जाता है। इसका प्राचीनतम उल्लेख ऋग्वेद 3500 ईण् पूर्व में मिलता है। देश में उपलब्ध वनस्पति प्रजातियों में से लगभग 1000 किस्म के पौधे अपने विशेष औषधीय गुणों के कारण विभिन्न.विभिन्न औषधियों में प्रयुक्त होते हैं और इनसे लगभग 8000 प्रकार के मिश्रित योग कम्पाउण्ड फारमुलेन्सस बनाये जाते हैं। जिनका विभिन्न रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। देशी चिकित्सा पद्धति जैसे आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी व प्राकृतिक चिकित्सा में प्रयुक्त दवाओं में उपयोग किये जाने वाले औषधीय पौधे विभिन्न जलवायु में फलते.फूलते हैं। इन पौधों के विभिन्न भाग जैसे जड़ए तनाए छालए पत्तियांए फलए फूल व बीज आदि जंगलों से ही एकत्र किये जाते हैं।
अभी तक अधिकांश वनौषधियों का प्राकृतिक स्रोतों से ही दोहन किया जा रहा हैए फलस्वरूप अनेक महत्वपूर्ण औषधीय पौधे विलुप्त होने की कगार पर आ गये हैं। अगर अभी भी इनके संरक्षण हेतु उचित कदम नहीं उठाये गये तो ये वनस्पतियां सदैव के लिए विलुप्त हो जायेंगी। इन औषधीय पौधों को उगाने से ही इन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सकता है। आज समय की मांग है हिमालयी क्षेत्रों में विद्यमान वनौषधियों के सम्वर्धन एवं संरक्षण की, जिनसे कृषिकरण द्वारा इन बहुमूल्य वनस्पतियों का संरक्षण किया जाय तथा इन्हें व्यवसायिक तथा अनुपूरक आय के अनुकूल विकसित किया जाय। ताकि क्षेत्र में जड़ी.बूटियों के कृषिकरण से वनां पर पड़ने वाले संग्रहण के दबाव को कम किया जा सके तथा बाजार मांग की आपूर्ति में सुनिश्चित हो सके।समेवा का कृषिकरण 4000 से 9000 फीट तक की ऊंचाई में नमीयुक्त मिट्टी में किया जा सकता है। पौंधे का रोपण जड़ तथा राइजोम के माध्यम से किया जाता है। इसकी जड़ोंध् पौध को 30×30 सेमीण् की दूरी में जुलाई अगस्त से रोपित किया जाता है। अधिक उपज के लिए जड़ों को दो वर्ष में खोदा जाता है। नवम्बर के माह में जब पौंधे की पत्तियां आदि सूखने लगे, पौधों की जड़ों एवं राइजोम को खुरपी की सहायता से उखाड़ लेते हैं। जड़ों की मिट्टी हटाने के लिए बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है। यदि फसल की खुदाई दो वर्षों में की जाती है तो 0.5 से 1.9 प्रतिशत तक सुगन्धित तेल प्राप्त होता है। पंचाग का धार्मिक अनुष्ठानों में धूप.अगरबत्ती तथा हवन सामग्री बनाने में उपयोग किया जाता है। साथ ही यह खांसी, पीलिया, उदरशूल तथा दुर्बलता में भी उपयोगी है। कोरोना वायरस का इलाज आयुर्वेद में है। वन औषधियों से उसके संक्रमण को दूर किया जा सकता है। यह बहुत ही खतरनाक वायरस है। तेज बुखार आना, खांसी आना, गले में कांटे जैसा चुभना, थूक निगलने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। नाक या मुंह के जरिए यह वायरस शरीर में प्रवेश करता है। धीरे.धीरे फेफड़े में पहुंचता है। उन्होंने बताया कि वायरस के फेफड़े में पहुंचते ही पीड़ित को निमोनिया हो जाता है। उसके बाद यह वायरस घातक हो जाता है। उन्होंने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। कहा प्राथमिक लक्षण मिलते ही मरीज फौरन डॉक्टर की सलाह लें। वैद्य आशुतोष बताया कि आयुर्वेद में इस वायरस का इलाज संभव है। वनौषधियों से इस खतरनाक वायरस का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने पांच तरह की जड़ी बूटी बताई।
ये जड़ी बूटियां पित्त पापड़ा, नागर मोथा, तगड़, उसीर व लाल चंदन है। वैद्य आशुतोष के मुताबिक पित्त पापड़ा और नागर मोथा किसी भी प्रकार के संक्रमण को आसानी से दबाता है। तगड़ मष्तिक को शून्यता से बचाता है। उसीर व लाल चंदन शरीर में आ रहे तेज फीवर को कम करता है। विजातीय द्रव्य को मूत्र के रास्ते बाहर करता है। उन्होंने बताया कि इन सभी वन औषधियों को बराबर मात्रा में लेकर उसका 15 ग्राम पाउडर बना लें। तीन सौ ग्राम पानी में इसे उबालें। जब आधा पानी जल जाए और डेढ़ सौ ग्राम पानी बचे तो उसे 15.15 ग्राम दिन में दो या तीन बार लें। इस औषधि से कोरोना वायरस से होनी वाली बीमारी से राहत पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर बुखार ठंड देकर आ रहा हो तो वैद्य की सलाह से इसके साथ सुदर्शन घनवती को भी उपयोग किया जा सकता है। कोरोना वायरस की चपेट में न आएं, इसके लिए वैद्य आशुतोष मालवीय ने सलाह दी है कि लोग सोंठ और तुलसी का सेवन करें। इन दोनों से बनी औषधि का उपयोग करने वाले लोग कोरोना वायरस की चपेट में जल्दी नहीं आएंगे।
हिमालयी इलाकों में पाई जाने वाली बेशकीमती जड़ी.बूटियां अब खेतों में भी उगने लगी हैं। तमाम बीमारियों में काम आने वाली संजीवनी सरीखी इन जड़ी.बूटियों की खेती से अच्छा मुनाफा मिलने के कारण परंपरागत खेती करने के बजाय किसान इस ओर आकर्षित हो रहे हैं। राज्य के हिमालयी क्षेत्र से सटे गांवों में छह हजार से अधिक परिवार जड़ी.बूटी की खेती कर रहे हैं। सीधे जड़ी बूटी की अच्छी मांग को देखते हुए वर्तमान में बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग के हिमालयी क्षेत्र से लगभग छह हजार परिवार इन जड़ी.बूटियों की खेती कर रहे हैं। बागेश्वर के खलझूनी गांव के किसान भानी चंद आदि जड़ी.बूटी के साथ ही नाप भूमि में टॉनिक, मधुमेह की दवा बनाने के काम आने वाला किलमोड़ा उगाकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उत्पादित जड़ी बूटी को भेषज संघ, एचआरडीआई के माध्यम से मंडी में बेचा जाता है। जंबू, गंदरायण 800-1000 रुपये किलो, जबकि कुटकी 500 रुपये किलो के हिसाब से बिकता है। जड़ी.बूटी की कीमत ग्रेडिंग के आधार पर तय की जाती है। माना जाता है कि पहाड़ों में मिलने वाली ऐसी कई दुर्लभ जड़ी बूटियां है जिन्हें अपने पास रखने, खाने या धारण करने से आपके जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आएगा।

Share114SendTweet71
Previous Post

हल्द्वानी में मरकज से लौटे पांच जमाती कोरोना संक्रमित मिलेः जिलाधिकारी

Next Post

स्वामी मनमथन की पुण्य तिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी

Related Posts

उत्तराखंड

जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : गैरोला

July 23, 2026
11
उत्तराखंड

डोईवाला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग

July 23, 2026
11
उत्तराखंड

अमानत में खयानत: जब रक्षक ही भक्षक बने

July 23, 2026
7
उत्तराखंड

प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी मात्र सरकारी योजनाओं की ही नहीं अपितु समाज की भी हो – पद्मश्री डॉ. कल्याण सिंह रावत ‘मैती’

July 23, 2026
6
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

July 23, 2026
4
उत्तराखंड

डोईवाला: पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस सेवा दल का मौन व्रत

July 23, 2026
19

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67713 shares
    Share 27085 Tweet 16928
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38069 shares
    Share 15228 Tweet 9517
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : गैरोला

July 23, 2026

डोईवाला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग

July 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.