देहरादून/हरिद्वार, (प्रियांशु सक्सेना) : कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हरिद्वार एवं ऋषिकेश के विभिन्न घाटों तथा संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। गंगा में स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ जवानों द्वारा पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इसी क्रम में शनिवार को हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने एवं गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने से संकट में फंसे दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुल 18 लोगों को एसडीआरएफ के जवानों द्वारा त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाला गया। एसडीआरएफ जवानों की तत्परता, साहस एवं त्वरित कार्रवाई के चलते सभी 18 कांवड़ियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
रेस्क्यू किए गए लोगों में मिथलेश (58), सर्वेश (50), राजू (21) उत्तर प्रदेश, फूल कुमार मंडल (17), अनिमेष मंडल (27), साहिल (24) दिल्ली, सुनील (23), सुमित (13), रणवीर (26) हरियाणा, नितिन (16) उत्तर प्रदेश, शहजाद (25) हरिद्वार, कृष्णा (18) उत्तर प्रदेश, विक्रम (22) हरियाणा, सचिन कुमार (25), विजेंद्र (26) हरियाणा, हरमन, अमित (30) और कपिल निवासी हरियाणा को एसडीआरएफ की त्वरित, साहसिक एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्रवाई से सुरक्षित बाहर निकालकर संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।।
सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शिवभक्तों एवं नदी तटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा एवं अन्य नदियों में स्नान करते समय निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें तथा तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें। नदी के जलस्तर एवं बहाव में अचानक होने वाले परिवर्तन को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें तथा मौके पर तैनात एसडीआरएफ एवं पुलिस जवानों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।











