• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

अल्मोड़ा के युवक ने बनाई हवा में उड़ने वाली कार !

08/08/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
1
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में आर्मी हेलीपैड पर शूट किया गया है. जो शख्स इस उड़ने वाली गाड़ी को चला रहा है उसका नाम रवि टम्टा हैजो पेशे से हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का फाउंडर और सीईओ है. ये प्रोटोटाइप उन्हीं की कंपनी ने बनाया है, जिसका आज उन्होंने सफल परीक्षण किया है. रवि पिछले कई सालों से इसे बनाने में लगे थे, जो पूरी तरह बिजली से चले, एकदम सुरक्षित हो और मॉर्डन हो. यह टेस्ट पास होने से उनकी सालों की मेहनत रंग लाई है.उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले रवि टम्टा के लिए यह पहला प्रयोग नहीं है. वह इससे पहले भी अपने अलग-अलग तकनीकी नवाचारों को लेकर चर्चा में रहे हैं. रवि की बनाई हुई स्टिक (डंडा) उत्तराखंड फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में भी इस्तेमाल हो रही है. इसके साथ ही इसको ऑनलाइन ऑर्डर भी मिल रहे हैं. यह स्टिक मोबाइल चार्ज करती है, टॉर्च का काम करती है. रवि इसी तरह के काम कई बार कर चुके हैं. उन्होंने 2007 में बोतल के अंदर ही बैट्री बना कर बल्ब जलाया था. उनका यह नावाचार आज भी ऑनलाइन भी उपलब्ध है. रवि टम्टा का इनोवेशन सफर नया नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने कई उपयोगी तकनीक विकसित की हैं। उनके आविष्कारों में वन विभाग के लिए आग बुझाने वाला उपकरण और दिव्यांग लोगों के लिए खास तरह की छड़ी शामिल है। उनका फोकस हमेशा ऐसी तकनीक तैयार करने पर रहा है, जो लोगों की समस्याओं को कम कर सके और समाज के लिए उपयोगी साबित हो। अब हैपिडा स्काईनेक्स की सफल उड़ान ने उन्हें देश के उभरते इनोवेटर्स की सूची में एक अलग पहचान दिलाई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसमें एक युवक नीले रंग की सिंगल सीटर गाड़ी में बैठकर हवा में उड़ते हुए नजर आ रहा है. दिखने में ये बहुत छोड़ी सी है और इसमें पहियों के बजाय चारों तरफ कुल 8 पंखड़ियां लगी हुई हैं. इन्हीं की मदद से वो हरे भरे घास के मैदान के बीच से टैक ऑफ करता है और करीब 20 फीट की ऊंचाई पर रहते हुए पूरे ग्राउंड का चक्कर लगाकर वापस उसी जगह सुरक्षित लैंड कर लेता है. ठीक 1 मिनट 37 सेकंड के इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि सरकार मदद करे या न करे, लेकिन प्रतिभाएं गतिशील होकर अपना काम करती रहती हैं.पहाड़ों में सफर का मतलब अक्सर घुमावदार सड़कें, लंबा रास्ता और घंटों का इंतजार होता है, लेकिन अगर सड़क पर दौड़ने वाली कार हवा में उड़कर मंजिल तक पहुंचने लगे तो सफर की पूरी तस्वीर ही बदल सकती है. उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा नवाचारक रवि टम्टा ने कुछ ऐसा ही दावा किया है. रवि टम्टा का कहना है कि उन्होंने हवा में उड़ने वाला एक पर्सनल फ्लाइंग पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल तैयार किया है. रवि के मुताबिक, इस प्रोटोटाइप का अल्मोड़ा में सफल परीक्षण भी किया गया है. उन्होंने बाकायदा उसको उड़ाकर भी दिखाया है. रवि के अनुसार यह सिर्फ एक मशीन नहीं है बल्कि उनके लंबे संघर्ष और प्रयोगों का नतीजा है. उन्होंने कई वर्षों तक व्यक्तिगत हवाई परिवहन की संभावना पर काम किया है. उन्होंने इस पर अलग-अलग स्तर पर तकनीकी प्रयोग किए हैं. रवि का कहना है कि प्रोटोटाइप की पहली सफल उड़ान उनके लिए उस सपने की पहली बड़ी उपलब्धि है. जिसमें वह भविष्य के परिवहन को सड़क से आगे आसमान तक ले जाना चाहते हैं. भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग बता रहे हैं. उनका दावा है कि यह भारत में बनाया गया पहला. पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल उनका विजन है कि भविष्य में ऐसी तकनीक को और विकसित किया जाए जिससे लोग छोटी दूरी के सफर के लिए सड़क के साथ-साथ हवाई रास्ते का भी इस्तेमाल कर सकें. रवि का कहना है कि तकनीक अभी शुरुआती दौर में है. आने वाले समय में व्यक्तिगत उड़ने वाले वाहन आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं. उनका सपना है कि जिस तरह आज लगभग हर घर में कार या दोपहिया वाहन देखने को मिलता है उसी तरह भविष्य में पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल भी लोगों की पहुंच में हो. अभी रवि टम्टा के इस प्रोटोटाइप परीक्षण उड़ान का दावा सामने आया है. इसे आम लोगों के इस्तेमाल में लाने की राह अभी लंबी है. किसी भी फ्लाइंग व्हीकल को सार्वजनिक या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए कई तकनीकी परीक्षणों सुरक्षा मानकों और नियामकीय मंजूरियों से गुजरना होता है. रवि भी मानते हैं कि इस वाहन को उड़ाने और आगे विकसित करने के लिए कई परमिशन और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. यानी फिलहाल HAPIDA SKYNEX को एक प्रोटोटाइप और परीक्षण स्तर के नवाचार के तौर पर देखा जा रहा है. इसके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की संभावना भविष्य के तकनीकी परीक्षण और नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगी. साल 2019 में उन्होंने एक इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन विकसित करने का दावा किया था. हल्द्वानी में इसके प्रदर्शन के दौरान उन्होंने दावा किया था कि इस तकनीक के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को कम समय में चार्ज किया जा सकता है. इसके अलावा रवि मोबाइल चार्ज करने वाले जूते और हेलीकॉप्टर के शुरुआती मॉडल जैसे प्रयोग भी कर चुके हैं. रवि टम्टा अलग-अलग तकनीकी प्रयोगों के जरिए लगातार अपनी कल्पना को प्रोटोटाइप का रूप देने की कोशिश करते रहे हैं. रवि का कहना है उन्होंने इस हवा मे उड़ने वाली कार को कैसे और कब बनाने की सोची? वो जल्द ही इसके बारे में सब कुछ कुछ बताएंगे. फिलहाल तो वो अभी प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण से खुश हैं. भारत में बना ये पहला पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है. उनके मुताबिक जिस दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में करीब 40 मिनट लगते हैं वही दूरी हवा के रास्ते इस वाहन से करीब 12 मिनट में पूरी की जा सकती थी. रवि का कहना है कि वे अभी इस मशीन को और ज्यादा सुरक्षित और ताकतवर बनाने के लिए आगे कई और टेस्ट करेंगे. उनका विजन है कि ऐसी तकनीक को विकसित करना है जिससे जिससे लोग छोटी दूरी के सफर के लिए सड़क के साथ-साथ हवाई रास्ते का भी इस्तेमाल कर सकें. यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के उभरते विमानन और नवाचार क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे व्यक्तिगत हवाई वाहन शहरी यातायात का दबाव कम करने, दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने तथा आपदा एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।रवि टम्टा ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत को व्यक्तिगत हवाई परिवहन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में वाहन की सुरक्षा, क्षमता और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न चरणों में अतिरिक्त परीक्षण किए जाएंगे। सफल उड़ान परीक्षण के बाद इस परियोजना ने भविष्य की हवाई परिवहन व्यवस्था की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और इसे स्वदेशी तकनीकी नवाचार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। कहानी सिर्फ एक फ्लाइंग कार बनाने की नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए जगह मायने नहीं रखती। उत्तराखंड के एक युवा ने अपने इनोवेशन से यह साबित किया है कि आने वाला समय भारत में स्वदेशी एयर टेक्नोलॉजी और नए परिवहन समाधानों का हो सकता है। लेकिन फिलहाल इस प्रोटोटाइप को लेकर किसी स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ, विमानन नियामक संस्था या सरकारी एजेंसी की ओर से आधिकारिक प्रमाणन या सत्यापन सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में इस उपलब्धि को लेकर तकनीकी पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। यदि भविष्य में संबंधित संस्थाओं से इसे मंजूरी मिलती है, तो यह उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के नवाचार क्षेत्र के लिए भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि साबित हो सकती है।।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

ShareSendTweet
Previous Post

जो चमके थे रविंद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्याकाश में ध्रुवतारे की तरह

Related Posts

उत्तराखंड

जो चमके थे रविंद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्याकाश में ध्रुवतारे की तरह

August 8, 2026
1
उत्तराखंड

दून पुस्तकालय में सुनील नेहरू ने साझा किए ऑडेन्स कोल आरोहण के रोमांचक अनुभव

August 8, 2026
1
उत्तराखंड

डोईवाला: सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश पकड़कर गौशाला भेजे

August 8, 2026
2
उत्तराखंड

ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार को करीब 38 घंटों के बाद यातायात के लिए खुला

August 8, 2026
2
उत्तराखंड

श्री नंदादेवी जात यात्रा को लेकर आयोजित 6 घंटे तक चली बैठक बिना निष्कर्ष के ही सम्पन्न हो गई

August 8, 2026
3
उत्तराखंड

एम्बुलेंस में गर्भवती महिला की मृत्यु के बाद आज तक भी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नही होने पर मृतका के पति ने बच्चों व परिजनों ने साथ मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में करीब तीन घंटों तक धरना दिया

August 8, 2026
1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67718 shares
    Share 27087 Tweet 16930
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38074 shares
    Share 15230 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

अल्मोड़ा के युवक ने बनाई हवा में उड़ने वाली कार !

August 8, 2026

जो चमके थे रविंद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्याकाश में ध्रुवतारे की तरह

August 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.