हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/नंदाधाम कुरूड़।
नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से कैलाश की ओर विदा हुई श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा के तहत नंदा देवी की तीनों डोलियां अपने तीसरे अलग-अलग पड़ावों पर पहुंच
गई हैं। पड़ावों पर पहुंचने से पहले पूरे यात्रा रूटों पर नंदा देवी के भक्तों ने यात्रा का भव्य रूप से स्वागत करते हुए भेट,पवाड़ा चढ़ाने के साथ ही पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।
शनिवार को करीब 3.30 बजें नंदा धाम कुरूड़ से चली बधाण की नंदादेवी की उत्सव डोली सोमवार को एकादशी के पर्व पर उस्तोली गांव से सरपाणी,लाखी होते हुए करीब 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर देर सांय तीसरे पड़ाव भेटी गांव पहुंची जहां पर द्वारी माता की पूजा अर्चना शुरू की गई। यात्रा मार्ग पर देवी भक्तों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हुए देवी की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।इस दौरान नंदा देवी के पुजारी मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़, राजेश गौड़, कन्हैया प्रयास गौड़,बची राम गौड़, योगेश्वर प्रसाद गौड़ आदि ने श्रद्धालुओं की पूजाएं सम्पन्न करवाईं। मंगलवार को बधाण की डोली अपने चौथे प्रवास पर भेंटी से स्यारी, बंगाली होते हुए करीब 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर विकास खंड थराली के सोल डुंग्री गांव में पहुंचेगी।
*दशोली* नंदा धाम कुरूड़ से चली दूसरी नंदा देवी की डोली भी अपने तीसरे पड़ाव पर पहुंच गई हैं। सोमवार को देव डोली दूसरे पड़ाव लुणतरा से काण्डा,खुनाणा,लामसोड़ा,माणखी, चोपड़ा कोट,घारी होते हुए करीब 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर कांडई गांव पहुंची।इस देवी की भी पूरे यात्रा रूट पर देवी भक्तों ने भव्य रूप से स्वागत किया और पूजा अर्चना की।इस यात्रा के साथ चल रहे 2 चौसिंगा खंडु श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनें हुए हैं,पूरे यात्रा रूट में देव डोली के साथ ही देवी भक्त कैलाश जाने वाले दोनों खांडुओं की पूजा अर्चना करना नही भूल रहें हैं। दोनों ही खांडुओं को देवी भक्त जमकर चढ़ावट भी चढ़ा रहें हैं। मंगलवार को दशोली की डोली अपने चौथे पड़ाव पर कांडई से विदा होकर खलतरा,मोठा,चाका होते हुए करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर चौथे पड़ाव सेमा गांव पहुंचेगी जहां पर भव्य रूप से देवी का पूजन किया जाएगा।
*बण्ड* कुरूड़ मंदिर से चली नंदा देवी की तीसरी डोली सोमवार को अपने दूसरे पड़ाव बटुला गांव को छोड़ कर शेकोट,ल्वांह होते हुए करीब 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय तीसरे पड़ाव दिगोली गांव स्थित नंदा देवी मंदिर पहुंच गई हैं। यहां पर देवी की डोली पहुंचने के साथ ही देवी पूजन प्रारंभ किया गया।पूरे यात्रा रूट पर नंदा भक्तों ने यात्रा का भव्य रूप से स्वागत किया। मंगलवार को बण्ड की देवी दिगोली गांव से विदा होकर ल्वाह,क्योठा,गडोरा,मल्ला,अक्थला होते हुए चौथे पड़ाव नोरख गांव पहुंचेगी जहां पर भव्य रूप से देवी पूजन का आयोजन किया जाएगा।
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श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सिद्धपीठ कुरूड़ से कैलाश को चली डोलियों का गांव-गांव, कस्बों एवं पूरे यात्रा रूट पर देवी भक्तों के द्वारा भव्य रूप से स्वागत किया जा रहा है, नंदा बड़ी जात के प्रति भक्तों में उत्साह देखते ही बन पड़ रहा हैं। कहा कि यात्रा के आने वाले दिनों में निश्चित ही यात्रियों की संख्या में और भी इजाफा होगा।देश के अलग-अलग हिस्सों से नंदा भक्तों के द्वारा उन्हें यात्रा को लेकर फोन आ रहे हैं। उन्होंने बड़ी जात के प्रति भक्तों के उत्साह की जमकर सराहना की हैं।











