हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/नंदाधाम कुरूड़।
श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा अपने 19वें पड़ाव नंदानगर ब्लाक के फरखेत गांव पहुंच गई हैं। जबकि बधांण की नंदादेवी की उत्सव डोली 23 वें पड़ाव थराली ब्लाक के गोठिंड़ा गांव पहुंच
गई हैं। यात्रा मार्गों पर नंदा भक्तों ने देवी की भव्य रूप से अगवानी की।
मंगलवार को होमकुंड में बड़ी जात की पूजा अर्चना के बाद बड़ी जात में सामिल नंदा देवी की डोलियां एवं छतोलियां 19 वें पड़ाव फरखेत गांव में पहुंच गई हैं। मंगलवार को यात्रा गुलाड़ी,बादुक होते हुए फरखेत गांव पहुंची इस दौरान देवी भक्तों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत,कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने बताया कि बुधवार को यात्रा फरखेत से विदा हो कर नारंगी गांव पहुंचेगी, उसके बाद यात्रा नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में पहुंचेगी, जहां पर भारी संख्या में नंदा भक्तों की मौजूदगी में हवन,यज्ञ कर देवी की उत्सव डोली को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करवाया जाएंगे। उन्होंने शांति पूर्वक यात्रा के अंतिम पड़ाव में पहुंचने पर नंदा, भगवती का आशीर्वाद एवं यात्रा में सामिल यात्रों के धैर्य को बड़ा कारण बताया। इधर वेदनी में लोकजात यात्रा कर बधांण की मां नंदादेवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली वापसी के 5 वें पड़ाव गोठिंडा गांव पहुंच गई हैं। मंगलवार को सुबह यात्रा देवाल ब्लाक के बेराधार गांव से विदा हुई, जोकि सिरमथल,टुंड्री होते हुए गोठिंडा गांव पहुंची पूरे यात्रा मार्ग पर नंदा देवी की यात्रा का भव्य स्वागत करते हुए पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी। को गोठिंडा गांव से कूनी-पार्था होते हुए रात्रि प्रवास के लिए कुराड़ गांव पहुंचेगी। श्री नंदा देवी परगना बधांण राजराजेश्वरी मंदिर समिति देवराड़ा के अध्यक्ष भुवन हटवाल एवं सचिव बीरेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि 25 सितंबर को बधांण की नंदा देवी की डोली सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली पहुंचेगी यहां पर एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया गया हैं, इसमें भारी संख्या में स्थानीय एवं अन्य क्षेत्रों के नंदा देवी भक्तों के सामिल होने की संभावना हैं। बताया की उसी दिन देर सांय पूजा-प्रतिष्ठा के बाद डोले को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा,अगले 6 माह तक डोली यही पर विराजमान रहेंगी और उनकी पूजा, अर्चना की जाएगी। डोलियों के मंदिरों में विराजमान होने के साथ ही नंदादेवी बड़ी जात यात्रा, एवं लोकजात यात्रा 2026 का विधिवत समापन हो जाएगा।











