डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। सामाजिक कार्यकर्ता उमेद बोरा ने बताया कि सुसवा नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा के लिए बनाई गई हाथी दीवार बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, सिमलास ग्रांट की सिंचाई नहर भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नांगल ज्वालापुर क्षेत्र में सुसवा नदी की बाढ़ से दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो नांगल ज्वालापुर ग्राम पंचायत के साथ-साथ सिमलास ग्रांट ग्राम पंचायत के लोगों पर भी खतरा मंडरा सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ सुरक्षा के लिए न तो तार जाल लगाए गए हैं और न ही तटबंध बनाए गए हैं। ग्राम प्रधान सिमलास ग्रांट सुषमा बोरा ने मांग की कि सुसवा नदी से सुरक्षा के लिए शीघ्र तटबंध और तार जाल लगाए जाएं। साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर का जल्द निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए बनाई गई क्षतिग्रस्त हाथी दीवार का पुनर्निर्माण टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा शीघ्र कराया जाए।











