• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

मॉक ड्रिल: भूस्खलन एवं बादल फटने के परिदृश्य पर आधारित संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान चलाया

28/07/26
in उत्तराखंड, डोईवाला, देहरादून
Reading Time: 1min read
2
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। आपदा की स्थिति में अंतरराज्यीय समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसडीआरएफ उत्तराखण्ड, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया।

मंगलवार को थानों क्षेत्र के मुंडिया गाँव में आयोजित संयुक्त अभ्यास के तहत टेबल टॉक मीटिंग में सेनानायक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड अर्पण यदुवंशी ने सभी प्रतिभागी अधिकारियों एवं जवानों को ब्रीफ करते हुए कहा कि किसी भी बड़ी आपदा के दौरान विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता तथा एकीकृत कार्यप्रणाली ही सफल राहत एवं बचाव कार्यों की आधारशिला होती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास विभिन्न एजेंसियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संसाधनों एवं क्षमता को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी एवं समन्वित रूप से संपादित किए जा सकते हैं। उन्होंने सभी टीमों को निर्धारित एसओपी, इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम तथा सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करते हुए अभ्यास सम्पन्न करने के निर्देश दिए।

अभ्यास के अंतर्गत घटनास्थल के समीप एक सुव्यवस्थित इंसिडेंट कमांड पोस्ट स्थापित किया गया, जहाँ से संपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन का संचालन एवं समन्वय किया गया। इसके अतिरिक्त घायलों के प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय सहायता हेतु मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की गई, जिससे वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में विभिन्न इकाइयों के मध्य समन्वित कार्यप्रणाली का व्यावहारिक परीक्षण किया जा सके।

घटना की सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में स्थापित स्टेजिंग एरिया से तीनों राज्यों की टीमें त्वरित रूप से घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुँचकर टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी संचार व्यवस्था तथा स्पष्ट कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया।

संयुक्त अभ्यास में उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की ओर से सहायक कमांडेंट सोमनाथ यादव एवं निरीक्षक बृजेश सिंह ने अपनी टीम के साथ सक्रिय सहभागिता की, जबकि हरियाणा एसडीआरएफ की टीम का नेतृत्व टीम इंचार्ज निरीक्षक शीशराम द्वारा किया गया। तीनों राज्यों की टीमों ने पूरे अभ्यास के दौरान आपसी समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं पेशेवर कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।

मॉक अभ्यास के दौरान रोप रेस्क्यू, कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, रिवर क्रॉसिंग टेक्नीक, विक्टिम सर्च एंड एक्सट्रैक्शन, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, मेडिकल रिस्पॉन्स, कम्युनिकेशन मैनेजमेंट, इंसिडेंट साइट मैनेजमेंट सहित विभिन्न तकनीकी रेस्क्यू प्रक्रियाओं का सफल अभ्यास किया गया। प्रत्येक गतिविधि के माध्यम से टीमों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संसाधनों के उपयोग, प्रतिक्रिया क्षमता तथा समन्वय प्रणाली का व्यावहारिक अवलोकन किया।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया टीमों के मध्य इंटरऑपरेबिलिटी, आपसी समन्वय, कम्युनिकेशन सिस्टम, संसाधनों के साझा उपयोग तथा इंसिडेंट मैनेजमेंट ऑपरेशन के अंतर्गत कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना था, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी एजेंसियाँ एकीकृत रूप से त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित कर सकें।

अभ्यास के दौरान नियुक्त ऑब्जर्वर्स द्वारा समस्त गतिविधियों का गहन अवलोकन किया गया। ऑब्जर्वर्स ने विभिन्न चरणों में टीमों के समन्वय, कम्युनिकेशन, संसाधनों के उपयोग, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा रेस्क्यू तकनीकों का मूल्यांकन करते हुए भविष्य में और अधिक प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक सुधारात्मक बिंदुओं से सभी प्रतिभागी टीमों को अवगत कराया।

सहायक सेनानायक सुशील रावत द्वारा विभिन्न रेस्क्यू गतिविधियों, इंसिडेंट कमांड पोस्ट, मेडिकल पोस्ट एवं अन्य परिचालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए टीमों के मध्य प्रभावी समन्वय बनाए रखा गया। इस दौरान निरीक्षक प्रमोद कुमार द्वारा भी अभ्यास के विभिन्न चरणों में परिचालन गतिविधियों के समन्वय एवं व्यवस्थाओं के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई गई। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागी टीमों का उत्साहवर्धन करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

अभ्यास के समापन पर उप सेनानायक शुभांक रतूड़ी द्वारा विस्तृत डी-ब्रीफिंग सेशन आयोजित किया गया, जिसमें तीनों राज्यों की टीमों के साथ संपूर्ण मॉक अभ्यास की समीक्षा की गई। इस दौरान ऑब्जर्वर्स द्वारा दिए गए सुझावों एवं सुधारात्मक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा भविष्य में संयुक्त अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी प्रतिभागी टीमों द्वारा फीडबैक फॉर्म भरकर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए गए, जिससे आगामी संयुक्त अभ्यासों को और अधिक व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सके।

यह संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास पूर्णतः सफल रहा। अभ्यास के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों की प्रभावी रूप से पूर्ति की गई तथा विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया टीमों के मध्य समन्वय, संचार व्यवस्था, संसाधनों के साझा उपयोग एवं संयुक्त कार्यप्रणाली का सफल परीक्षण किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागी टीमों को एक-दूसरे की कार्यशैली एवं परिचालन प्रणाली को निकटता से समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में अधिक समन्वित, त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने हेतु महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए।

अंत में सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने सभी प्रतिभागी टीमों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संयुक्त मॉक अभ्यास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के मध्य विश्वास, समन्वय, संसाधनों के साझा उपयोग तथा परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा के समय त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के इंटर-स्टेट जॉइंट मॉक एक्सरसाइज नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने सभी टीमों के अनुशासन, समर्पण एवं पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस संयुक्त अभ्यास से प्राप्त अनुभव वास्तविक आपदा की परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे तथा विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

Share1SendTweet1
Previous Post

राजधानी देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से बना एक पुल फिर सवालों के घेरे में है

Next Post

जंतर-मंतर में लोकतंत्र का नया चेहरा?

Related Posts

उत्तराखंड

आज के दौर में क्यों और बढ़ गया है गुरु पूर्णिमा का महत्व

July 28, 2026
2
उत्तराखंड

जंतर-मंतर में लोकतंत्र का नया चेहरा?

July 28, 2026
3
उत्तराखंड

राजधानी देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से बना एक पुल फिर सवालों के घेरे में है

July 28, 2026
7
उत्तराखंड

क्षेत्र पंचायत थराली की बैठक में सदस्यों का हंगामा, सदन में धरने पर बैठे

July 28, 2026
7
उत्तराखंड

बहुगुणानगर में विस्थापन पर बनी सहमति, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

July 28, 2026
6
उत्तराखंड

चीड़ के पेड़ों से खतरा, वन विभाग से पेड़ कटवाने की मांग

July 28, 2026
3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67714 shares
    Share 27086 Tweet 16929
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38070 shares
    Share 15228 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

आज के दौर में क्यों और बढ़ गया है गुरु पूर्णिमा का महत्व

July 28, 2026

जंतर-मंतर में लोकतंत्र का नया चेहरा?

July 28, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.