
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला रेलवे स्टेशन परिसर में करीब 20 मीटर ऊंची पानी की टंकी का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान ऊंचाई पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर कई श्रमिक ऊंचाई पर काम करते दिखाई दिए, लेकिन उनके लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई।
बताया जा रहा है कि पानी की टंकी करीब 60-70 फीट ऊंची होगी। ऐसे में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। मौके पर करीब छह से आठ श्रमिक ऊंचाई पर काम करते दिखाई दिए। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर श्रमिकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
ऊंचाई पर होने वाले निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। साथ ही रेलवे प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण एजेंसी को आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
डोईवाला रेलवे स्टेशन मास्टर अनुराग शुक्ला ने कहा कि नियमों का उल्लंघन गंभीर मामला है। यह निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया के बाद ठेका व्यवस्था के तहत कराया जा रहा है। यदि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है तो मामले का संज्ञान लिया जाएगा।
सुपरवाइजर श्यामवीर ने बताया कि ठेकेदार को कई बार हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट समेत अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, लेकिन उनकी ओर से अब तक उचित व्यवस्था नहीं कराई गई है। इसके चलते श्रमिकों को बिना सुरक्षा उपकरणों के ही कार्य करना पड़ रहा है।
वहीं, इस संबंध में ठेकेदार अहमद फैजान का पक्ष जानने के लिए दूरभाष के माध्यम से वार्ता करने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि परिवार में किसी की तबीयत खराब होने के कारण वह अस्पताल में हैं और फिलहाल वार्ता करने में असमर्थ हैं।
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*हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी?*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान कोई श्रमिक ऊंचाई से गिरकर घायल होता है या कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना निर्माण एजेंसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके बावजूद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही दिखाई देना गंभीर चिंता का विषय है।











