डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। न्याय पंचायत रानीपोखरी की ग्राम सभा लिस्ट्राबाद में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 95 दिनों से धरने पर बैठे हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद आंदोलन लगातार जारी है, जिससे क्षेत्रवासियों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लिस्ट्राबाद गांव में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था, लेकिन करीब सात वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। वही, ग्रामीणों का आरोप है कि जिस भूमि पर विवि प्रस्तावित था, उसे सरकार द्वारा सॉन्ग बांध परियोजना प्रभावितों को दे दिया गया है।
समाजसेवी योगेश पुंडीर ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार की उदासीनता के चलते तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि करीब 40 डिग्री तापमान में ग्रामीण धरना स्थल पर बैठने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने सरकार पर क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि शिलान्यास के बाद भूमि किसी अन्य कार्य के लिए देना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विधि विश्वविद्यालय की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बताया गया की जल्द ही मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। धरना स्थल पर अनिल कुमार, सतीश सेमवाल, राजेन्द्र तोमर, विशाल बिष्ट, अनूप चौहान, नरेन्द्र चौहान आदि मौजूद रहे।











