हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/नंदाधाम कुरूड़।
अब जबकि 4 दिन पूर्व श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरूड़ (नंदानगर) से श्री नंदा राजेश्वरी बड़ी जात के नाम से तीन नंदा देवी की डोलियां कैलाश यात्रा पर निकल चुकी हैं, बावजूद इसके यात्रा मार्ग के अंतिम गांव वांण की ग्राम प्रधान के द्वारा जिलाधिकारी को भेजें गए एक पत्र के प्रति उत्तर में जिलाधिकारी चमोली के द्वारा नंदा देवी बड़ी जात आयोजन 2026 की समिति को एक चेतावनी पत्र जारी किया गया हैं।इस पत्र के बाद एक बार फिर से बड़ी जात अथवा लोक जात यात्रा को लेकर तकरार बढ़ती नजर आ रही हैं।माना जा रहा है कि राज्य सरकार बड़ी जात को किसी तरह से सम्पन्न नही होना देना चाहाती हैं,यह कारण है कि जिलाधिकारी के द्वारा समिति को भेजें गए पत्र के अंतिम पंक्तियों में समिति को शांति एवं कानून व्यवस्था बिगड़ने पर आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी है।इस पत्र के उत्तर में समिति के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को 3 पेजों का एक पत्र भेजा हैं, जिसमें शांति एवं कानून व्यवस्था के साथ ही यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने के लिए शासन, प्रशासन की जिम्मेदारी बताईं हैं।
विगत 4 सितंबर को जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार के द्वारा नायाब तहसील नंदानगर(घाट )के माध्यम से हरेंद्र सिंह रावत अध्यक्ष आयोजन समिति नंदा देवी बड़ी जात 2026 को एक पत्र भेजा हैं। जिसमें कहा गया हैं कि विकास खंड देवाल के वांण गांव की ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने उन्हें एक पत्र भेजा हैं जिसमें अवगत कराया गया हैं कि नंदा देवी लोकजात मां राजराजेश्वरी के साथ -साथ कुरूड़ से बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत के साथ दो अन्य डोलियां के साथ भारी भरकम यात्रीगण आने से ग्राम वांण में अव्यवस्था होने एवं गांव में अशांति उत्पन्न होगी। जिस की जिम्मेदारी बड़ी जात समिति की होगी। जिलाधिकारी ने अध्यक्ष बड़ी जात समिति से अपेक्षा जताईं हैं कि वें वांण के ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों विचार विमर्श करते हुए आपसी समझौता कर उपरोक्त विवाद निस्तारण करने की बात कही है,साथ ही कहा गया है कि प्रस्तावित यात्रा के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती हैं तो संबंधित का उत्तर दायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस पत्र के उत्तर में सोमवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने नायब तहसीलदार नंदानगर (घाट) के माध्यम से तीन पेजों का एक पत्र लिखा हैं। जिसमें कहा गया है कि महिनों पहले बड़ी जात आयोजित करने की सिद्धपीठ कुरूड़ के मंदिर से विधिवत पुजारियों तथा डोलियों व मंदिर समिति के द्वारा तय की गई थी। कहा हैं कि गौड़ पुजारियों का एक गुट जोकि राजजात समिति नौटी के सदस्य भी हैं वें भी अवरोध उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप लगाते हुए कर्नल ने कहा है कि एक सोची समझी कार्य योजना के तहत बड़ी जात यात्रा में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है, उन्होंने मामले की जांच की मांग की हैं। कहा कि बड़ी जात समिति शासन, प्रशासन, राजजात समिति एवं अन्य समितियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लगातार प्रशास किए जाते रहे हैं।पत्र में पूर्व कर्नल रावत ने कहा है कि वांण में नंदा देवी के धर्म भाई लाटू देवता का पौराणिक मंदिर स्थित है, जोकि सभी की धार्मिक आस्था का केंद्र है।वांण गांव में प्रवेश वर्जित किया जाना धार्मिक भावनाओं से छेड़छाड़ करने के प्रयासों से मेल खाता प्रतीत हो रहा हैं।वह राईट ऑफ वें का हनन हैं। जहां तक कानून व्यवस्था मूलभूत सुविधाओं का सवाल हैं।उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की हैं, उन्होंने समय रहते आवश्यक व्यवस्थाओं को जुटाने की मांग करते हुए कहा कि बड़ी जात समिति हमेशा विचार विमर्श के लिए तैयार हैं। यात्रा के बीच इस तरह के पत्र बाजी के चलते श्रद्धालुओं की भावनाएं निश्चित ही आहत हो रही होगी। देखना हैं कि निर्जन पड़ावों पर अब जबकि लगभग तय हो गया हैं कि बड़ी जात का आयोजन होगा और देव डोलियां कैलाश गमन के तहत होम कुंड तक जाएगी तो शासन, प्रशासन यात्रियों के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं जुटा सकता हैं।











