डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धारकोट मार्ग की जर्जर होती स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। बरसात शुरू होते ही सड़क पर जलभराव और लगातार बहते पानी के कारण मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने लगा है।
बताया जा रहा है कि जल निकासी के लिए स्थायी नाली का निर्माण न होने से बारिश का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क की परत उखड़ रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय लोगों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा के नाम पर कई स्थानों पर केवल औपचारिकता निभाई गई। पहली ही बरसात में कई स्थानों पर पुश्ते खिसकने लगे हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श राठौर ने कहा कि धारकोट मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों की जीवनरेखा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। ऐसे में सड़क का क्षतिग्रस्त होना आम जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासी जनहित में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
सनगांव के उप प्रधान सुनील सोलंकी ने बताया कि ग्रामीण कई बार विभाग को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो बरसात में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है और बड़ा हादसा भी हो सकता है।
प्रधान प्रतिनिधि प्रमेश राठौर ने बताया कि धारकोट मार्ग पर नाली नहीं होने के कारण बरसात का पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। इससे सड़क लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।











